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हिमाचल: राजभवन ने पूछा- पिछली तिथियों से कैसे लागू हो सकता है पेंशन बंद करने का कानून
Wed, 08 Jan 2025 11:53 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 08 Jan 2025 11:53 AM IST
सार
पूर्व विधायकों की पेंशन और भत्ते बंद करने का विधेयक राजभवन ने सरकार से लौटाते हुए पूछा है कि पिछली तिथियों से कैसे इस व्यवस्था को लागू किया जा सकता है।
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हिमाचल राजभवन।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में दल-बदल कानून के तहत अयोग्य पूर्व विधायकों की पेंशन और भत्ते बंद करने का विधेयक राजभवन ने सरकार से लौटाते हुए पूछा है कि पिछली तिथियों से कैसे इस व्यवस्था को लागू किया जा सकता है। इसके अलावा और भी कई आपत्तियां लगाकर सरकार को भेजी गई हैं। राजभवन शिमला के लिए जवाब तैयार करने में इन दिनों राज्य सचिवालय के अधिकारी खूब माथापच्ची कर रहे हैं।
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फरवरी में बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों का भाजपा में दल-बदल होने के बाद मानसून सत्र में सरकार ने सदन में यह विधेयक पारित करवाया था। यह उल्लेखनीय है कि इस कानून के बनने के बाद पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा और देवेंद्र भुट्टो की विधायक पेंशन और भत्ते बंद हो सकते हैं।
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सुधीर शर्मा, राजेंद्र राणा, आईडी लखनपाल, रवि ठाकुर के पूर्व कार्यकाल की भी पेंशन में गणना नहीं हो सकेगी। राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल के पास लंबे समय से यह विधेयक अटका हुआ था। इसे अब राज्य सरकार को जवाब दायर करने के लिए भेजा गया है।
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