पौंग विस्थापितों को नकद भुगतान से राजस्थान सरकार ने किया इंकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौंग बांध विस्थापितों को भू-पट्टों की जगह कैश देने से राजस्थान सरकार ने इंकार कर दिया है। पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर बुधवार को शिमला में हिमाचल और राजस्थान के मुख्य सचिवों की बैठक हुई।
इसमें राजस्थान के मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने कहा कि इतनी बड़ी राशि देने में राजस्थान सरकार असमर्थ है। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि 2000 मामलों का जल्दी निपटारा होगा और विस्थापितों को राजस्थान में ही जमीन के पट्टे दिए जाएंगे।
हिमाचल के सीएस बीके अग्रवाल ने कहा कि हिमाचल के 7000 से ज्यादा पौंग बांध विस्थापितों का अभी तक राजस्थान में पुनर्वास नहीं हो सका है। हिमाचल के मुख्य सचिव और राजस्थान के सीएस के बीच बुधवार को पौंग बांध विस्थापितों के मसलों को लेकर हुई इस द्विपक्षीय बैठक में हिमाचल हाईकोर्ट के
आदेशों पर चर्चा हुई। अग्रवाल ने बताया कि यदि राजस्थान पौंग बांध विस्थापितों को जमीन नहीं देता है, तो हिमाचल में भूमि चयनित कर खरीदी जाए, जिसकी भरपाई राजस्थान सरकार करे। राजस्थान के मुख्य सचिव ने कहा कि वह इस बारे में अपनी राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और अधिकारियों से चर्चा करेंगे।
28 फरवरी और 11 मार्च को देंगे 800 पट्टे
सरकार के निर्णय के बारे में हिमाचल सरकार को बता दिया जाएगा। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व मनीषा नंदा, संयुक्त सचिव राजस्व डॉ. केआर सैजल, उप सचिव राजस्व परवीण टाक, उपायुक्त (आर एंड आर) विनय मोदी, राजस्थान सरकार की ओर से आयुक्त उपनिवेशन बीकानेर कुमार पाल गौतम, अतिरिक्त आयुक्त उपनिवेशन विवेककुमार मौजूद थे।
राजस्थान के मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान सरकार ने भूमि के 800 पट्टे विस्थापितों के लिए तैयार कर दिए हैं, जिन्हें दो चरणों में दिया जाएगा। 28 फरवरी तथा 11 मार्च 2019 को शिविरों में ये पट्टे विस्थापितों को दे दिए जाएंगे।
पोर्टल पर मिलेगी जानकारी, जियो मैपिंग होगी
मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने बताया कि हिमाचल सरकार और राजस्थान सरकार की ओर से एक कॉमन पोर्टल बनाया जाएगा। एक चेक लिस्ट तैयार होगी, जिससे राजस्थान के सक्षम वरिष्ठ अधिकारी विस्थापितों को भू-पट्टे देने से पूर्व सत्यापित करेंगे। सभी भू-पट्टों की जियो मैपिंग होगी। इससे कोई परेशानी नहीं रहेगी।