फोरलेन सर्वे पर समिति ने उठाए सवाल, जमीन ली ज्यादा, कम दिया मुआवजा
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किरतपुर- नेरचौक फोरलेन के सर्वे पर अंगुलियां उठनी शुरू हो गई हैं। सर्वे एनएचएआई ने किया है। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने सरकार को इसकी शिकायत की है। अब समिति के पदाधिकारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इस संबंध में बात करने के लिए मिलने का समय मांग रहे हैं।
सरकार से की शिकायत में समिति ने कहा है कि रोड की अलाइनमेंट कहीं और है लेकिन जमीन का अधिग्रहण कहीं और ही किया गया है। एनएचएआई ने जरूरत से ज्यादा जमीनों का अधिग्रहण किया है लेकिन मुआवजा उस हिसाब से नहीं दिया है।
समिति के महासचिव मदन लाल ने कहा कि हिमाचल में पांच नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें किरतपुर से नेरचौक, मटौर से शिमला, जालंधर से मंडी, नागचला से मनाली और परवाणू से शिमला हैं।
फोरलेन प्रभावित समिति मांग रही चार गुणा मुआवजा
एनएच के निर्माण को लेकर एनएचएआई जमीन का अधिग्रहण कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब इन एनएच की सप्लीमेंट टेंडर अवार्ड किए गए उसमें यह बातें सामने आई है। लोगों ने उपजाऊ जमीनें एनएच के लिए दे दी है।
समिति के पदाधिकारी का कहना है कि प्रभावित लोगों को चार गुणा मुआवजा दिया जाना चाहिए। लेकिन प्रदेश सरकार इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।
केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है कि अगर प्रदेश सरकार चार गुणा मुआवजा देने पर राजी होती है तो केंद्र को इसमें कोई एतराज नहीं है।