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मर्ज करने के प्रस्ताव पर ही सवाल
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सवालों के घेरे में पुजारली पंचायत के इलाके मर्ज करने के लिए बनाया प्रस्ताव
क्रॉसर
पार्षद बोले, कुछ भवन ही किए जा रहे मर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में पंचायतों के शहरी इलाके नगर निगम में मर्ज करने के लिए तैयार किया प्रस्ताव अब सवालों के घेरे में आ गया है। एकसाथ पूरा शहरी क्षेत्र नगर निगम में लेने की बजाय अलग-अलग जगहों पर स्थित भवनों को मर्ज करने की तैयारी चल रही है।
पंचायतों के अलावा नगर निगम पार्षदों ने भी इस पिक एंड चूज फार्मूले पर सवाल उठाए हैं। पंथाघाटी वार्ड से सटी पुजारली पंचायत के सरघीण इलाके को नगर निगम में मर्ज करने का प्रस्ताव बनाया है। पंचायत उपप्रधान ओमप्रकाश वर्मा ने कहा कि प्रस्ताव में मर्ज करने के लिए जो खसरा नंबर दिए हैं, वह एक पूरे इलाके के न होकर अलग-अलग जगहों के हैं। यदि हमारे विरोध के बावजूद पंचायती एरिया मर्ज ही करना है तो पूरा इलाका एकसाथ मर्ज होना चाहिए न कि इस इलाके के गिने चुने भवन। कहा कि उनकी पंचायत में दो तरफ के इलाके नगर निगम में मर्ज हो रहे हैं, लेकिन बीच का एरिया छोड़ दिया है। निगम कह रहा है कि उन्हें मर्ज होने के आवेदन आए हैं। यह आवेदन हमें दिखाए जाएं। बताया जाए कि सरकारी और वन भूमि से भला कौन एमसी में मर्ज करने का आवेदन कर सकता है। एक दो लोगों के कहने पर मर्ज करने का फैसला गलत है। महज चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए उनकी पंचायत के इलाके एमसी में मर्ज किए जा रहे हैं। पंचायत एमसी में नहीं जाना चाहती। पंथाघाटी से भाजपा पार्षद राकेश शर्मा ने कहा कि पिक एंड चूज के तहत एरिया मर्ज हो रहे हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए।
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पार्षद बोले, कुछ भवन ही किए जा रहे मर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में पंचायतों के शहरी इलाके नगर निगम में मर्ज करने के लिए तैयार किया प्रस्ताव अब सवालों के घेरे में आ गया है। एकसाथ पूरा शहरी क्षेत्र नगर निगम में लेने की बजाय अलग-अलग जगहों पर स्थित भवनों को मर्ज करने की तैयारी चल रही है।
पंचायतों के अलावा नगर निगम पार्षदों ने भी इस पिक एंड चूज फार्मूले पर सवाल उठाए हैं। पंथाघाटी वार्ड से सटी पुजारली पंचायत के सरघीण इलाके को नगर निगम में मर्ज करने का प्रस्ताव बनाया है। पंचायत उपप्रधान ओमप्रकाश वर्मा ने कहा कि प्रस्ताव में मर्ज करने के लिए जो खसरा नंबर दिए हैं, वह एक पूरे इलाके के न होकर अलग-अलग जगहों के हैं। यदि हमारे विरोध के बावजूद पंचायती एरिया मर्ज ही करना है तो पूरा इलाका एकसाथ मर्ज होना चाहिए न कि इस इलाके के गिने चुने भवन। कहा कि उनकी पंचायत में दो तरफ के इलाके नगर निगम में मर्ज हो रहे हैं, लेकिन बीच का एरिया छोड़ दिया है। निगम कह रहा है कि उन्हें मर्ज होने के आवेदन आए हैं। यह आवेदन हमें दिखाए जाएं। बताया जाए कि सरकारी और वन भूमि से भला कौन एमसी में मर्ज करने का आवेदन कर सकता है। एक दो लोगों के कहने पर मर्ज करने का फैसला गलत है। महज चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए उनकी पंचायत के इलाके एमसी में मर्ज किए जा रहे हैं। पंचायत एमसी में नहीं जाना चाहती। पंथाघाटी से भाजपा पार्षद राकेश शर्मा ने कहा कि पिक एंड चूज के तहत एरिया मर्ज हो रहे हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए।
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