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शुरू होने से पहले ही सवालों के घेरे में फॉरेस्ट गार्ड भर्ती

Tue, 07 Jun 2016 12:59 PM IST
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 07 Jun 2016 12:59 PM IST
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question over the recruitment procedure of forest guard in himachal
फारेस्ट गार्ड - फोटो : डेमो पिक

वन विभाग में अगले कुछ समय में करीब साढ़े चार सौ फारेस्ट गार्ड की भर्ती होने जा रही है। वन मंत्री की सख्ती के बाद विभाग ने भर्ती की कवायद शुरू कर दी है। लेकिन शुरू होने से पहले ही भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। किसी भी विभाग की भर्ती से इतर वन विभाग में गार्ड की भर्ती प्रक्रिया में महिला और पुरुषों के पदों की संख्या तो तय नहीं हैं।

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लेकिन शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए दोनों ही वर्गों के मानक अलग हैं। इसकी वजह से भर्ती में महिलाओं को पुरुषों से कम मेहनत पर भी लिखित परीक्षा में पहुंचने का मौका मिल रहा है। विभाग की इस व्यवस्था के बाद अब कुछ युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उधर, पीसीसीएफ एसपी वासुदेवा से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
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इसलिए उठे भर्ती पर सवाल
दरअसल, सिपाही भर्ती परीक्षा में कुल पदों में महिलाओं और पुरुषों के लिए पदों की संख्या तय रहती है। इसकी वजह से महिलाओं को शारीरिक दक्षता परीक्षा में मिलने वाली छूट का पुरुष अभ्यर्थियों की भर्ती पर असर नहीं पड़ता। वहीं, फारेस्ट गार्ड भर्ती प्रक्रिया में भर्ती के लिए पुरुष और महिला गार्डों के पद तय नहीं हैं।
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जबकि भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा कम फिजिकल करना होता है। इसका नतीजा यह होता है कि आसान फिजिकल के चलते महिलाओं को ज्यादा अंक मिल जाते हैं जबकि पुरुष अभ्यर्थी असफल हो जाते हैं।

नियमों में बदलाव को हुए थे प्रयास

question over the recruitment procedure of forest guard in himachal
वन विभाग

पिछले साल बड़ी संख्या में महिला गार्डों के भर्ती होने के बाद विभाग को कामकाज में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। सूत्रों की मानें तो ऐसा इसलिए हो रहा था कि कुछ अति पिछड़े इलाकों में अकेले महिला गार्ड को गश्त के लिए भेजा नहीं जा सकता था और पुरुष गार्ड की कमी थी।

इसकी समस्या के बाद इस साल होने वाली गार्ड भर्ती से पहले विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करने की कवायद शुरू की थी। इसमें कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया का अवलोकन भी किया गया था। लेकिन कवायद बीच में ही रोक दी गई।

पिछली भर्ती में भी हुई थी समस्या
पिछले साल भी करीब चार सौ गार्डों के पदों पर भर्ती हुई थी। उस दौरान भी भर्ती प्रक्रिया में इस अनियमितता की वजह से बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थियों का चयन हो गया। जबकि ज्यादा मेहनत करने के बावजूद पुरुष अभ्यर्थी सेलेक्ट नहीं हो सके।

इसके बाद उस समय भी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे थे लेकिन तब यह कहकर मामला दबा दिया गया था कि फेल होने की वजह से अभ्यर्थी सवाल उठा रहे हैं।

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