राणा के इस्तीफे पर असमंजस में भाजपा, दबाव में संगठन के नेता
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दो दिन पहले सोशल मीडिया के जरिये पद से इस्तीफा देने का ऐलान करने वाले भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रवि राणा ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पार्टी के आला अधिकारी न तो इस्तीफा देने की बात स्वीकार रहे हैं और न ही वे इसे खारिज कर पा रहे हैं। रवि राणा भी सोशल मीडिया पर लगातार पार्टी में होने की बात कह रहे हैं, लेकिन अब तक पार्टी का कोई भी नेता उनसे संपर्क नहीं कर सका है।
इसी महीने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के प्रस्तावित हिमाचल दौरे से पहले राणा के इस कदम ने पार्टी पदाधिकारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पार्टी के आईटी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रवि राणा ने दो दिन पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
अपने फेसबुक प्रोफाइल पर उन्होंने स्टेटस डालकर यह जानकारी साझा की है। शुरू में तो भाजपाई नेताओं ने इसे मजाक माना, लेकिन जब सोशल मीडिया में यह स्टेटस वायरल होने लगा तो नेताओं की परेशानी पर बल पड़ने लगे। आनन-फानन में नेताओं ने राणा से संपर्क साधने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती का कहना है कि जब तक लिखित में इस्तीफा न आए तब तक उस पर विचार नहीं किया जा सकता। हालांकि राणा के स्टेटस को लेकर उन्होंने कहा कि दो दिन बाद संगठन महामंत्री के साथ इस मुद्दे पर चर्चा के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। दरअसल, अमित शाह को इसी महीने के अंत तक हिमाचल दौरे पर आना है।
इस दौरान उनकी पार्टी के साइबर योद्धाओं से भी बैठक होने की उम्मीद है। क्योंकि 2019 का लोकसभा चुनाव पार्टी आईटी और सोशल मीडिया के दम पर लड़ने की तैयारी कर रही है। ऐसे में प्रदेश में भी पार्टी के आईटी विंग के प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे को बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।