जल्द बनकर तैयार होगा आनंदपुर साहिब-श्री नयनादेवी मंदिर रोपवे: सिद्धू
पाकिस्तान दौरे के बाद से विवादों में रहे पंजाब के पर्यटन मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा है कि आनंदपुर साहिब-श्री नयनादेवी रोपवे जल्द मूर्त रूप लेगा। इस परियोजना की फाइल आगे भेज दी गई है। टेंडर होने के बाद यह दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा।
सिद्धू श्री नयनादेवी मंदिर में माथा टेकने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिमाचल और पंजाब सरकार के बीच रोपवे समझौता हो चुका है। इसके मूर्त रूप लेते ही दोनों प्रसिद्ध धार्मिक स्थल आपस में जुड़ जाएंगे। इससे यह साइट अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर उभरेगी।
सिद्धू ने कहा कि मजहब आपस में जोड़ता है तोड़ता नहीं। हर किसी को अपने हिसाब से चर्चा करने का हक है। सिद्धू ने कहा कि श्री नयनादेवी आस्था का केंद्र है, इसलिए वह यहां पर कोई राजनीति नहीं करना चाहते। वह यहां पर केवल मां के दर्शनों को आए हैं और दर्शन कर लौट जाएंगे।
‘हिंदू-सिख भाईचारे का प्रतीक हूं’
इससे पूर्व सिद्धू ने शक्तिपीठ श्री नयनादेवी मंदिर में दर्शन कर माता रानी का आशीर्वाद लेकर आरती में भाग लिया। सिद्धू ने विधिवत पूजा-अर्चना की और प्राचीन हवन कुंड में आहुतियां भी डालीं।
पुजारी प्रदीप शर्मा, अभिषेक गौतम, आदित्य गौतम, रिशु शर्मा, प्रभात शर्मा और अमित शर्मा ने उन्हें मंदिर न्यास की तरफ से माता की चुनरी व फोटो भेंट की। सिद्धू ने कहा कि उनसे बड़ा हिंदू और सिख भाईचारे का प्रतीक कोई और नहीं हो सकता।
उनकी माता हिंदू धर्म से और पिता सिख थे। लेकिन उनके परिवार में जहां पर शिव आराधना की जाती थी वहीं गुरुवाणी भी रोज होती थी। वह माता पिता के साथ कई बार माता नयनादेवी के दर्शनों के लिए पहुंचे हैं।