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Shimla News: शहर में शुरू होगी पुलिंग टैक्सी सेवा, रोजगार भी मिलेगा
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परिवहन विभाग ने यातायात जाम कम करने के लिए बनाई योजना, अधिकारियों से चर्चा के बाद होगा फैसला
निजी टैक्सी लोग कर सकेंगे शेयर, विभाग करेगा निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। निजी वाहनों से कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों को परिवहन विभाग टैक्सी पुलिंग (शेयरिंग) की सुविधा उपलब्ध करवाएगा। इससे जहां शहर में वाहनों का दबाव कम होगा वहीं जाम भी नहीं लगेगा। इसके साथ निजी टैक्सी संचालकों को नियमित रोजगार भी मिलेगा।
अधिकारियों से चर्चा के बाद इस योजना को लागू करने पर फैसला होगा। शहर के टैक्सी संचालकों के साथ चर्चा के बाद परिवहन विभाग इस योजना पर काम कर रहा है। विभाग के मुताबिक टैक्सी पुलिंग योजना से लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसको देखते हुए वह इसकी निगरानी करेगा। वर्तमान में शहरवासी सुबह और शाम के समय पीक ऑवर्स में लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। इसकी मुख्य वजह शहर में बढ़ती वाहनों की संख्या है। हालत यह है कि हर रोज लगने वाले ट्रैफिक जाम के कारण लोग समय से पहले कार्यालय और गंतव्य के लिए निकलने के बावजूद समय पर नहीं पहुंच पाते हैं। इसको देखते हुए कुछ समय पहले एचआरटीसी ने शहर में टेंपों ट्रैवलर चलाने की योजना पर भी काम शुरू किया था। इसको लेकर सर्वे भी करवाया था। इसमें पता चला था कि निजी वाहनों में एक-एक व्यक्ति कार्यालय और अस्पतालों के लिए जाते हैं। इससे वाहनों की संख्या बढ़ती है और जगह-जगह जाम लगता है। लोगों ने इस दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू करने और निजी वाहनों का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी थी।
सचिवालय और आईजीएमसी के लिए शुरू होगी सेवा
परिवहन विभाग टैक्सी पुलिंग की सुविधा प्रथम चरण में उन क्षेत्रों के लिए शुरू करेगा जहां हर रोज हजारों कर्मचारी आवाजाही करते हैं। इसमें प्रदेश सचिवालय, आईजीएमसी, एसडीए कांप्लेक्स और हिमाचल विश्वविद्यालय को शामिल किया है। इससे हर रोज अस्पताल जाने वाले मरीजों को सीधी सेवा उपलब्ध हो सकेगी। इन क्षेत्रों के लिए योजना सफल रहती है, तो फिर पूरे शहर में इसे लागू किया जाएगा। इसके सफल होने से शहर में बढ़ती वाहनों की समस्या से लोगों को निजात मिलेगी तो वहीं सड़कों पर जगह-जगह होने वाली बेतरतीब पार्किंग की समस्या भी हल हो सकती है।
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कोट
शहर के टैक्सी संचालकों के साथ इसको लेकर चर्चा की गई है। सड़कों से वाहनों का दबाव कम हो, इसको लेकर विभाग टैक्सी पुलिंग की योजना को लागू करने पर विचार कर रहा है। अभी यह प्रारंभिक स्तर पर है और उच्च अधिकारियों से चर्चा के बाद ही इसको लेकर फैसला लिया जाएगा।
अनिल कुमार शर्मा, आरटीओ,शिमला
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निजी टैक्सी लोग कर सकेंगे शेयर, विभाग करेगा निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। निजी वाहनों से कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों को परिवहन विभाग टैक्सी पुलिंग (शेयरिंग) की सुविधा उपलब्ध करवाएगा। इससे जहां शहर में वाहनों का दबाव कम होगा वहीं जाम भी नहीं लगेगा। इसके साथ निजी टैक्सी संचालकों को नियमित रोजगार भी मिलेगा।
अधिकारियों से चर्चा के बाद इस योजना को लागू करने पर फैसला होगा। शहर के टैक्सी संचालकों के साथ चर्चा के बाद परिवहन विभाग इस योजना पर काम कर रहा है। विभाग के मुताबिक टैक्सी पुलिंग योजना से लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसको देखते हुए वह इसकी निगरानी करेगा। वर्तमान में शहरवासी सुबह और शाम के समय पीक ऑवर्स में लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। इसकी मुख्य वजह शहर में बढ़ती वाहनों की संख्या है। हालत यह है कि हर रोज लगने वाले ट्रैफिक जाम के कारण लोग समय से पहले कार्यालय और गंतव्य के लिए निकलने के बावजूद समय पर नहीं पहुंच पाते हैं। इसको देखते हुए कुछ समय पहले एचआरटीसी ने शहर में टेंपों ट्रैवलर चलाने की योजना पर भी काम शुरू किया था। इसको लेकर सर्वे भी करवाया था। इसमें पता चला था कि निजी वाहनों में एक-एक व्यक्ति कार्यालय और अस्पतालों के लिए जाते हैं। इससे वाहनों की संख्या बढ़ती है और जगह-जगह जाम लगता है। लोगों ने इस दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू करने और निजी वाहनों का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी थी।
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सचिवालय और आईजीएमसी के लिए शुरू होगी सेवा
परिवहन विभाग टैक्सी पुलिंग की सुविधा प्रथम चरण में उन क्षेत्रों के लिए शुरू करेगा जहां हर रोज हजारों कर्मचारी आवाजाही करते हैं। इसमें प्रदेश सचिवालय, आईजीएमसी, एसडीए कांप्लेक्स और हिमाचल विश्वविद्यालय को शामिल किया है। इससे हर रोज अस्पताल जाने वाले मरीजों को सीधी सेवा उपलब्ध हो सकेगी। इन क्षेत्रों के लिए योजना सफल रहती है, तो फिर पूरे शहर में इसे लागू किया जाएगा। इसके सफल होने से शहर में बढ़ती वाहनों की समस्या से लोगों को निजात मिलेगी तो वहीं सड़कों पर जगह-जगह होने वाली बेतरतीब पार्किंग की समस्या भी हल हो सकती है।
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शहर के टैक्सी संचालकों के साथ इसको लेकर चर्चा की गई है। सड़कों से वाहनों का दबाव कम हो, इसको लेकर विभाग टैक्सी पुलिंग की योजना को लागू करने पर विचार कर रहा है। अभी यह प्रारंभिक स्तर पर है और उच्च अधिकारियों से चर्चा के बाद ही इसको लेकर फैसला लिया जाएगा।
अनिल कुमार शर्मा, आरटीओ,शिमला