हिमाचल में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत इन्हें भी मिलेगा घर बनाने को पैसा
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि जो गरीब होने के बावजूद आईआरडीपी सहित ऐसी किसी श्रेणी में नहीं आते, उन्हें भी मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए पैसा दिया जाएगा। सरकार प्रयास करेगी कि योजना का लाभ देने के लिए पटवारी की रिपोर्ट पर निर्भर न रहना पड़े।
उन्होंने कहा कि कई बार पटवारी भी सही रिपोर्ट नहीं देते। ऐसे में बीडीओ, तहसीलदार और कानूनगो से भी जानकारी ली जा सकती है। सीएम ने यह जानकारी प्रश्नकाल के दौरान विधायक रमेश चंद धवाला, सुखराम चौधरी और होशियार सिंह के प्रश्न के उत्तर में हस्तक्षेप के दौरान दी।
इससे पहले ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने उत्तर देते हुए बताया कि 15 जनवरी, 2019 तक मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 42.19 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए। योजना मद में 12.19 करोड़ रुपये और गैर योजना मद में 30.00 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
2,829 आवास स्वीकृत किए गए
इससे पहले विधायक रमेश धवाला ने जानना चाहा कि देहरा में ऐसे कितने मामले लंबित हैं। विधायक सुखराम चौधरी ने गरीब लोगों को आवास उपलब्ध करवाने के लिए आर्थिक आधार पर सर्वे करवाने की मांग की।
विधायक होशियार सिंह ने बाढ़ व बरसात से घरों को पहुंचे आवासों का मामला उठाया और कहा कि क्या ऐसे मामलों में पटवारी की रिपोर्ट को आधार बनाया जाना सही है।
सीएम ने सदन को बताया पटवारियों का हाल
सीएम ने सदन को बताया कि राजस्व विभाग मेेरे पास है लेकिन मैं बोलने से नहीं रुकूंगा। पटवारियों का यह हाल है कि मौके पर सब कुछ दिखाई देने के बाद भी पटवारी रिपोर्ट नहीं देते। जिसको रिपोर्ट देनी होती है तो मौके पर कुछ भी नहीं हुआ हो, तब भी रिपोर्ट दे देते हैं।
अनुबंध काल का वरिष्ठता लाभ देने से इनकार
प्रदेश सरकार ने विभिन्न विभागों में कार्यरत अनुबंध से नियमित हुए कर्मचारियों को नियुक्ति की तारीख से वरिष्ठता लाभ देने से इनकार कर दिया है। विधायक इंद्र सिंह के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी सेवा में कार्यरत सभी कर्मचारियों को वरिष्ठता उनकी नियमितीकरण की तिथि से दिए जाने का प्रावधान है।
नियमित नियुक्ति के विपरीत अनुबंध आधार पर नियुक्त कर्मचारियों पर विभिन्न सेवा संबंधित नियम लागू नहीं होते हैं। संविदात्मक नियुक्ति की निबंधन एवं शर्तों के अनुसार यह एक अस्थायी व्यवस्था है, जिसे साल दर साल आधार पर सशर्त बढ़ाया जाता है। अनुबंध पर प्रदत सेवा अवधि को वरिष्ठता लाभ दिया जाना प्रशासनिक रूप से तर्क संगत नहीं है।