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Shimla News: यूजीसी नियमावली में संशोधन का विरोध, गले में रस्सी का फंदा डालकर किया भाजपा कार्यालय का घेराव

Wed, 28 Jan 2026 12:50 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 28 Jan 2026 12:50 PM IST
सार

 राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी, देवभूमि क्षत्रिय संगठन-सवर्ण मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गले में रस्सी का फंदा डालकर यूजीसी नियमावली में संशोधन का विरोध किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।  

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Protesting against the amendments to UGC Regulations, they surrounded the BJP office with nooses around their
शिमला में यूजीसी नियमों में बदलाव का विरोध। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू किए गए नए नियमों के विरोध में बुधवार को शिमला में राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गले में फंदे और हथकड़ी पहनकर अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर की अगुवाई में चक्कर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव किया। इस दाैरान राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी, देवभूमि क्षत्रिय संगठन-सवर्ण मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने संशोधन का विरोध करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। केंद्र सरकार से इन नियमों को वापस लेने की मांग करते हुए पार्टी ने एसडीएम शिमला के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा। मांगें नहीं मानने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी।

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प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यूजीसी के नए विनियम उच्च शिक्षा में समान अवसर देने के बजाय समाज को और अधिक विभाजित करने की दिशा में ले जा रहे हैं। समता के नाम पर लागू किए गए ये नियम योग्यता, अनुभव और शैक्षणिक स्वतंत्रता को कमजोर करते हैं। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और यूजीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। यूजीसी ने 13 जनवरी को उच्च शिक्षा में समता विनियम 2026 को अधिसूचित किया था। इसके बाद से ही देश के विभिन्न राज्यों में शिक्षक संगठनों, शिक्षाविदों और सामाजिक संस्थाओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
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एचपीयू के पूर्व कुलपति और राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार भी यूजीसी संशोधन समिति के सदस्य हैं। ऐसे में प्रदेश में इस विषय को लेकर बहस और तेज हो गई है। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर ने इस मुद्दे पर हिमाचल की सांसद कंगना, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, नेता विपक्ष जयराम ठाकुर, सांसद अनुराग ठाकुर और भाजपा नेता राजीव भारद्वाज को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बंटेंगे तो कटेंगे जैसे नारे देने वाले भाजपा नेता सवर्ण समाज के हितों पर कुठाराघात होने के बावजूद चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने यूजीसी के इन नियमों को तुरंत वापस नहीं लिया तो पूरे हिमाचल प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा और प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया जाएगा। उधर, प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
 
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