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यूपी में दुष्कर्म के खिलाफ शोषण मुक्ति मंच का प्रदर्शन
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रामपुर बुशहर। उत्तर प्रदेश के हाथरस, बलराम पुर और बाराबांकी में दलित लड़कियों के साथ दुष्कर्म और हत्याओं को लेकर प्रदेश दलित शोषण मुक्ति मंच ने विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, तहसीलदार निरमंड के माध्यम से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन भेजकर यूपी सरकार, डीएम, एसपी और डीजीपी को बर्खास्त करने सहित दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग उठाई।
मंच ने कहा कि बीते 14 सितंबर को हाथरस में एक दलित लड़की के साथ सामूहिक
दुष्कर्म और उसके बाद उसकी रीढ़ की हड्डी और गर्दन तोड़ दी गई। उसकी जीभ तक
काट दी गई। इस घटना से पूरा देश शर्मशार हुआ है। पुलिस ने पहले एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी की। डीएम, एसपी और डीजीपी की ओर से बयान दिया गया कि लड़की के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है। इससे साफ जाहिर होता है कि उत्तर प्रदेश प्रशासन और सरकार आरोपियों को बचाने की पूरी कोशिश कर रही है। मंच ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के राज में दलित महिलाओं और बेटियों के साथ दुष्कर्म और उनकी हत्याओं में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। यूपी सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने के बजाय आरोपियों को बचाने का काम कर रही है, जो संविधान की उल्लंघना है। मंच ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से न्यायिक जांच करवाने, गलत बयानबाजी करने और आरोपियों को बचाने के प्रयास करने पर हाथरस के डीएम, एसपी और डीजीपी समेत योगी सरकार को
बर्खास्त करने, दोषियों को कठोर सजा देने, संविधान की रक्षा करने और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण कानून 1989 को सख्ती से लागू करने की मांग उठाई है। इस अवसर पर देवकी नंद, दुर्गा सिंह, रामदास, सनी राणा, मोती राम, बेली राम, प्रेम, पूर्ण, जगदीश, मोहर सिंह और श्याम लाल सहित अन्य मौजूद रहे।
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मंच ने कहा कि बीते 14 सितंबर को हाथरस में एक दलित लड़की के साथ सामूहिक
दुष्कर्म और उसके बाद उसकी रीढ़ की हड्डी और गर्दन तोड़ दी गई। उसकी जीभ तक
काट दी गई। इस घटना से पूरा देश शर्मशार हुआ है। पुलिस ने पहले एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी की। डीएम, एसपी और डीजीपी की ओर से बयान दिया गया कि लड़की के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है। इससे साफ जाहिर होता है कि उत्तर प्रदेश प्रशासन और सरकार आरोपियों को बचाने की पूरी कोशिश कर रही है। मंच ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के राज में दलित महिलाओं और बेटियों के साथ दुष्कर्म और उनकी हत्याओं में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। यूपी सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने के बजाय आरोपियों को बचाने का काम कर रही है, जो संविधान की उल्लंघना है। मंच ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से न्यायिक जांच करवाने, गलत बयानबाजी करने और आरोपियों को बचाने के प्रयास करने पर हाथरस के डीएम, एसपी और डीजीपी समेत योगी सरकार को
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बर्खास्त करने, दोषियों को कठोर सजा देने, संविधान की रक्षा करने और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण कानून 1989 को सख्ती से लागू करने की मांग उठाई है। इस अवसर पर देवकी नंद, दुर्गा सिंह, रामदास, सनी राणा, मोती राम, बेली राम, प्रेम, पूर्ण, जगदीश, मोहर सिंह और श्याम लाल सहित अन्य मौजूद रहे।
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