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मांगों की अनदेखी पर बिफरे बिजली बोर्ड के तकनीकी कर्मचारी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 06 Dec 2016 12:02 AM IST
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राज्य विद्युत परिषद तकनीकी कर्मचारी संघ ने बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस के बाहर प्रदर्शन किया। संघ के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल ठाकुर ने कहा कर्मचारियों की वित्तीय मांगों और समस्याओं की बोर्ड प्रबंधन लगातार अनदेखी कर रहा है। समस्याओं की अनदेखी को अब और ज्यादा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोमवार को प्रदर्शन कर रहे कर्मियों को बोर्ड प्रबंधन ने वार्ता के लिए बुलाया।
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इस दौरान 16 जनवरी 2017 को मांगों पर चर्चा करने का आश्वासन दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने कहा कि आईटीआई करने वालों की रोकी गई पदोन्नति को बहाल किया जाना चाहिए। 48 कैटेगिरी में ग्रेड पे की विसंगति को दूर करना चाहिए। सभी तकनीकी कर्मियों को मोबाइल फोन भत्ता दिया जाना चाहिए।
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कहा कि प्रबंधन के समक्ष कई बार इन मांगों को उठाया गया है, लेकिन हमेशा आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो साल से बोर्ड प्रबंधन को 40 सूत्रीय मांगों का एक डिमांड चार्टर दिया गया है। बोर्ड प्रबंधन ने चार बार वार्ता को स्थगित किया है। इस कार्यप्रणाली को लेकर कर्मियों में भारी रोष है। इसके चलते ही सोमवार को प्रदर्शन किया गया।
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मोहन लाल ठाकुर ने कहा कि बिजली बोर्ड में स्टाफ की भारी कमी है। 27 हजार का काम सिर्फ 7 हजार कर्मचारी कर रहे हैं। कर्मचारियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। नई भर्ती की मांग को बोर्ड प्रबंधन अनदेखा कर रहा है। अगर 16 जनवरी 2017 को भी मांगों की अनदेखी की गई तो तकनीकी कर्मचारी संघ राज्य सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करेगा।
मुख्यमंत्री को मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद भी अगर मांगों को पूरा नहीं किया गया तो संघ आमरण अनशन करेगा। विरोध प्रदर्शन में संघ के मुख्य सलाहकार कुलदीप शर्मा, सुरेंद्र पराशर, सालिग राम, खूब चंद वर्मा, रमेश चंदेल, हेमराज, राम प्रकाश परिहार, मोती लाल नेगी, धर्मपाल, नायक सिंह, सुरेंद्र शर्मा, लक्ष्मण कपटा और रणजीत धीमान सहित कई अन्य मौजूद रहे।