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Shimla News: एचपीयू के फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव का विरोध शुरू
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एसएफआई की दो टूक, फीस बढ़ाई तो होगा उग्र आंदोलन
डीएस को मांगपत्र सौंपकर फीस न बढ़ाने का आग्रह
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एसएफआई की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई (एचपीयू) ने फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव का विरोध किया है। छात्र नेताओं ने शुक्रवार को इस मामले को लेकर डीएस को ज्ञापन सौंपकर फीस न बढ़ाने का आग्रह किया। इसके साथ ही चेताया कि अगर फीस बढ़ाई गई तो उग्र आंदोलन होगा।
नए शैक्षणिक सत्र में आर्थिक संसाधन तलाशने को लेकर रिसोर्स मोबालाइजेशन कमेटी की बैठक और फीस बढ़ोतरी सहित कई प्रस्ताव लाए गए थे। एसएफआई नेताओं ने कहा कि विवि खराब माली हालत को सुधारने के लिए छात्रों पर फीस और शुल्क बढ़ाकर आर्थिक बोझ डालने की साजिश कर रहा है। एसएफआई के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को फीस वृद्धि के इन प्रस्तावों के विरोध में विवि के अधिष्ठाता अध्ययन (डीएस) प्रो. बीके शिवराम को मांग पत्र सौंपा। इसमें चेताया कि यदि फीस या किसी भी तरह के शुल्क बढ़ाने का प्रयास किया तो एसएफआई इसका न केवल विवि परिसर में बल्कि पूरे प्रदेश स्तर में विरोध करेगी।
इकाई अध्यक्ष अंकुश राणा और सचिव रितेश की अगुवाई में मिले छात्र नेताओं ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विवि ने आर्थिक संकट से उबरने के लिए नए शैक्षणिक सत्र में नए संसाधन तलाशने के नाम पर छात्रों को लूटने की योजना बनाई है। कुलपति प्रो. एसपी बंसल की अध्यक्षता में हुई रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी की बैठक में लिए फैसलों में छात्रों की फीसें और शुल्क बढ़ा कर छात्रों की जेब से खजाना बढ़ाना शामिल है।
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उन्होंने कहा कि विवि में 2019 से कोई नियमित भर्ती नहीं हुई है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन पहले भी दो बार गैर शिक्षक कर्मी की भर्ती के नाम पर दो बार छात्रों से आवेदन फीस के नाम पर साढ़े चार करोड़ एकत्र कर चुका है। उन्होंने फीस, शुल्क बढ़ाने, नियमित भर्ती की जगह आउटसोर्स भर्ती करने का भी विरोध किया। अंकुश राणा ने कहा कि यह सब छात्रों को शिक्षा से दूर करने और सस्ती तथा बेहतर गुणात्मक शिक्षा देने की जिम्मेदारी से बचाने का प्रयास है। यह शिक्षा के निजीकरण की दिशा में कदम है। उन्होंने इसका विरोध किया और चेतावनी दी कि अगर प्रशासन इस प्रकार के तुगलकी फरमान लाएगा तो एसएफआई छात्रों को लामबंद कर उग्र आंदोलन करेगी जिसका जिम्मेवार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन होगा।
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डीएस को मांगपत्र सौंपकर फीस न बढ़ाने का आग्रह
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एसएफआई की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई (एचपीयू) ने फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव का विरोध किया है। छात्र नेताओं ने शुक्रवार को इस मामले को लेकर डीएस को ज्ञापन सौंपकर फीस न बढ़ाने का आग्रह किया। इसके साथ ही चेताया कि अगर फीस बढ़ाई गई तो उग्र आंदोलन होगा।
नए शैक्षणिक सत्र में आर्थिक संसाधन तलाशने को लेकर रिसोर्स मोबालाइजेशन कमेटी की बैठक और फीस बढ़ोतरी सहित कई प्रस्ताव लाए गए थे। एसएफआई नेताओं ने कहा कि विवि खराब माली हालत को सुधारने के लिए छात्रों पर फीस और शुल्क बढ़ाकर आर्थिक बोझ डालने की साजिश कर रहा है। एसएफआई के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को फीस वृद्धि के इन प्रस्तावों के विरोध में विवि के अधिष्ठाता अध्ययन (डीएस) प्रो. बीके शिवराम को मांग पत्र सौंपा। इसमें चेताया कि यदि फीस या किसी भी तरह के शुल्क बढ़ाने का प्रयास किया तो एसएफआई इसका न केवल विवि परिसर में बल्कि पूरे प्रदेश स्तर में विरोध करेगी।
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इकाई अध्यक्ष अंकुश राणा और सचिव रितेश की अगुवाई में मिले छात्र नेताओं ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विवि ने आर्थिक संकट से उबरने के लिए नए शैक्षणिक सत्र में नए संसाधन तलाशने के नाम पर छात्रों को लूटने की योजना बनाई है। कुलपति प्रो. एसपी बंसल की अध्यक्षता में हुई रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी की बैठक में लिए फैसलों में छात्रों की फीसें और शुल्क बढ़ा कर छात्रों की जेब से खजाना बढ़ाना शामिल है।
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उन्होंने कहा कि विवि में 2019 से कोई नियमित भर्ती नहीं हुई है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन पहले भी दो बार गैर शिक्षक कर्मी की भर्ती के नाम पर दो बार छात्रों से आवेदन फीस के नाम पर साढ़े चार करोड़ एकत्र कर चुका है। उन्होंने फीस, शुल्क बढ़ाने, नियमित भर्ती की जगह आउटसोर्स भर्ती करने का भी विरोध किया। अंकुश राणा ने कहा कि यह सब छात्रों को शिक्षा से दूर करने और सस्ती तथा बेहतर गुणात्मक शिक्षा देने की जिम्मेदारी से बचाने का प्रयास है। यह शिक्षा के निजीकरण की दिशा में कदम है। उन्होंने इसका विरोध किया और चेतावनी दी कि अगर प्रशासन इस प्रकार के तुगलकी फरमान लाएगा तो एसएफआई छात्रों को लामबंद कर उग्र आंदोलन करेगी जिसका जिम्मेवार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन होगा।