फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Property dispute case dismissed for failure to implead parties.

Shimla News: पक्षकारों को शामिल न करने पर संपत्ति विवाद का मामला खारिज

Fri, 28 Aug 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Property dispute case dismissed for failure to implead parties.
सिविल जज मन्नू प्रिंजा की अदालत का फैसला
विज्ञापन

जमीन से जुड़ा है मामला, बेटियां नहीं बनाई थीं पक्षकार

संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सिविल जज मन्नू प्रिंजा की अदालत ने भूमि विवाद और वसीयत की वैधता से जुड़े 13 साल पुराने दीवानी मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए वाद (मुकदमा) खारिज कर दिया है।

अदालत ने माना कि मृतक के सभी जरूरी वारिसों को पक्षकार बनाए बिना ऐसे मामले का निपटारा कानूनन संभव नहीं है। मामला शिमला ग्रामीण तहसील में स्थित पैतृक संपत्ति से जुड़ा है। वादी धनी राम और अन्य (दिवंगत रूप लाल के कानूनी वारिसों) ने वर्ष 2013 में अदालत में वाद दायर किया था। उन्होंने अपने दादा स्व. राम सरन की ओर से 9 जून 2000 को रंजीत सिंह और पूरन सिंह (प्रतिवादी) के पक्ष में निष्पादित पंजीकृत वसीयत को अवैध, फर्जी और शून्य घोषित करने की मांग की थी। वादियों का तर्क था कि विवादित संपत्ति पैतृक है और वसीयत धोखाधड़ी तथा बहकावे में आकर लिखवाई थी। इसके साथ ही उन्होंने वसीयत के आधार पर वर्ष 2006 में दर्ज इंतकाल को रद्द करने और संपत्ति में अपना एक-चौथाई हिस्सा दिए जाने की मांग की थी।
विज्ञापन


अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत बेटियां भी वारिस होती हैं। वसीयत को रद्द किया जाता है या बरकरार रखा जाता है, दोनों ही स्थितियों में बेटियों के संपत्ति संबंधी अधिकार सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं। इसके बावजूद वादियों ने सभी बेटियों को मामले में पक्षकार नहीं बनाया था। अदालत ने आवश्यक पक्षकारों को शामिल न किए जाने के आधार पर वाद को खारिज कर दिया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article