हिमाचल के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में 896.23 करोड़ के प्रोजेक्ट
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हिमाचल प्रदेश के प्रधान सचिव कृषि ओंकार चंद शर्मा ने कहा है कि वर्ष 2019-20 के लिए कुल 896.23 करोड़ रुपए की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इनमें 791.95 करोड़ रुपए केंद्र सरकार और 87.99 करोड़ प्रदेश सरकार से 90:10 के रूप में भागीदारी रहेगी।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 से खेत में पानी की पहुंच का सही उपयोग बढ़ाने के लिए और सुनिश्चित सिंचाई के तहत कृषि क्षेत्र का विस्तार करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को आरंभ किया है।
मुख्य सचिव बीके अग्रवाल की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय स्वीकृत कमेटी की बैठक हुई। इसमें प्रधान सचिव ने यह जानकारी दी। कमेटी के उपाध्यक्ष ओंकार शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना प्रदेश में कृषि क्षेत्र की उच्च विकास के लिए एक प्रमुख योजना है।
इस योजना में प्रति बूंद अधिक फसल का उत्पादन करके ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि लाने का लक्ष्य है। सिंचाई में निवेश में एक रूपता लाना, हर खेत को पानी, कृषि योग्य क्षेत्र का विस्तार करने के लिए खेतों में ही जल को इस्तेमाल करने की दक्षता को बढ़ाना शामिल है।
योजना से पानी के दुरुपयोग को कम करने, सही सिंचाई और पानी को बचाने की तकनीक को अपनाना आदि इस योजना के मुख्य उद्देश्य हैं। योजना में विभिन्न विभाग जैसे कृषि, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग, बागवानी विभाग और पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग समयबद्ध तरीके से योजनाओं का कार्यान्वयन कर रहे हैं।
सभी परियोजनाओं का समय-समय पर प्रभावी आकलन करवाएं: सीएस
मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने परियोजनाओं के सहभागी सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि क्रियान्वित की जा रही सभी परियोजनाओं का समय-समय पर प्रभावी आकलन करवाया जाए ताकि परियोजना से लाभान्वित लाभार्थियों के बारे में पता चल सके।
इसके अतिरिक्त अध्यक्ष महोदय ने कृषि प्रसार गतिविधियों को परियोजना क्षेत्र के अंतर्गत प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करने को कहा ताकि फसल विविधीकरण को बढावा दिया जा सके।
ये रहे बैठक में मौजूद
इस बैठक में सचिव वित्त अक्षय सूद, निदेशक कृषि विभाग डा. देस राज शर्मा, निदेशक केंद्रीय जल कमीशन शिमला ओपी गुप्ता, केंद्रीय सहायक भू-संरक्षण अधिकारी विजय कुमार पवार और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।