इस मेडिकल कॉलेज में जाने पर सीधे प्रोफेसर बन सकेंगे सहायक प्रोफेसर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फैकल्टी की कमी से जूझ रहे चंबा मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आदेश के तहत अब आईजीएमसी समेत अन्य सभी मेडिकल कॉलेजों में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसरों को चंबा मेडिकल कॉलेज में सीधे प्रोफेसर बनाने का विकल्प दे दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के इस प्रस्ताव को जयराम मंत्रिमंडल ने मंजूरी भी दे दी है। स्वास्थ्य महकमा अब ऐसे असिस्टेंट प्रोफेसरों की तलाश कर रहा है, जो चंबा मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देने को इच्छुक हों।
विभाग ने यह फैसला सुदूरवर्ती मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी न मिलने की परेशानी को दूर करने के लिए किया है। दरअसल, आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज के बाद जब सूबे में नए मेडिकल कॉलेज खोले गए तो चंबा मेडिकल कॉलेज के लिए फैकल्टी नहीं मिल पाई।
आवेदन न आएं तो सीधे रेगुलर होगी भर्ती
इसकी वजह से मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। जयराम सरकार ने इसको लेकर खासी चिंता जताई। इसके बाद ही विभाग ने सभी मेडिकल कॉलेजों का अपना कैडर तैयार करने का निर्णय लिया।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने बताया कि अगर इसके बाद भी मेडिकल कॉलेज के लिए आवेदन न आएं तो फिर सीधे रेगुलर डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी।
इसके लिए तैयारी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि चूंकि दूरदराज के मेडिकल कॉलेज में कम वेतन पर डाक्टर आने से कतरा रहे हैं। ऐसे में रेगुलर भर्ती का प्लान तैयार किया गया है।