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Shimla News: प्रोफेसर शिवानी को मिला आउट स्टैंडिंग वुमन साइंटिस्ट अवार्ड
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प्रोफेसर शिवानी को मिला आउटस्टैंडिंग वुमन साइंटिस्ट अवार्ड
- फोटो : savand
नैनो पार्टिकल्स पर किए शोध पर मिला सम्मान
संजौली कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर है शिवानी कपरेट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजकीय महाविद्यालय संजौली की असिस्टेंट प्रोफेसर शिवानी कपरेट को आउट स्टैंडिंग वुमन साइंटिस्ट अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध कार्य और नवाचार के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।
यह सम्मेलन आईसीएफआरई-एचएफआरआई शिमला, मेडिसिनल प्लांट बोर्ड हिमाचल प्रदेश और आईएसएएचआरडी सोसायटी नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। इसमें देश-विदेश के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने भाग लेकर विभिन्न वैज्ञानिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। शिवानी कपरेट को यह सम्मान विशेष रूप से हनी आधारित सिल्वर नैनो पार्टिकल्स पर किए शोध के लिए मिला। विशेषज्ञों के अनुसार यह शोध पारंपरिक प्राकृतिक संसाधनों और आधुनिक नैनो टेक्नोलॉजी के समन्वय का एक प्रभावी उदाहरण है, जो चिकित्सा क्षेत्र में एंटीबैक्टीरियल और उपचारात्मक उपयोग के लिए नई संभावनाएं खोल सकता है। अब तक उनके 11 शोध पत्र प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं। संबंधित विषय पर एक पेटेंट भी उनके नाम दर्ज है। कॉलेज प्राचार्य भारती भागड़ा ने इस उपलब्धि को संस्थान और प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया। शिवानी कपरेट ने अपनी सफलता का श्रेय सहयोगियों, संस्थान और परिवार को देते हुए भविष्य में भी समाजहित में शोध कार्य जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
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संजौली कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर है शिवानी कपरेट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजकीय महाविद्यालय संजौली की असिस्टेंट प्रोफेसर शिवानी कपरेट को आउट स्टैंडिंग वुमन साइंटिस्ट अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध कार्य और नवाचार के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।
यह सम्मेलन आईसीएफआरई-एचएफआरआई शिमला, मेडिसिनल प्लांट बोर्ड हिमाचल प्रदेश और आईएसएएचआरडी सोसायटी नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। इसमें देश-विदेश के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने भाग लेकर विभिन्न वैज्ञानिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। शिवानी कपरेट को यह सम्मान विशेष रूप से हनी आधारित सिल्वर नैनो पार्टिकल्स पर किए शोध के लिए मिला। विशेषज्ञों के अनुसार यह शोध पारंपरिक प्राकृतिक संसाधनों और आधुनिक नैनो टेक्नोलॉजी के समन्वय का एक प्रभावी उदाहरण है, जो चिकित्सा क्षेत्र में एंटीबैक्टीरियल और उपचारात्मक उपयोग के लिए नई संभावनाएं खोल सकता है। अब तक उनके 11 शोध पत्र प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं। संबंधित विषय पर एक पेटेंट भी उनके नाम दर्ज है। कॉलेज प्राचार्य भारती भागड़ा ने इस उपलब्धि को संस्थान और प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया। शिवानी कपरेट ने अपनी सफलता का श्रेय सहयोगियों, संस्थान और परिवार को देते हुए भविष्य में भी समाजहित में शोध कार्य जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
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