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हिमाचल में रेग्यूलेटरी कमीशन बहाल

Sat, 10 May 2014 11:08 AM IST
Updated Sat, 10 May 2014 11:08 AM IST
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Private Educational Institutions Regulatory Commission has resumed in HP

हिमाचल प्रदेश में निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग फिर बहाल हो गया है। राज्य सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है।

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हाईकोर्ट ने 19 अक्तूबर 2013 को यह कहते हुए इस आयोग को निरस्त कर दिया था कि राज्य विधानसभा ने ऐसे अधिकारों का प्रयोग कर ये एक्ट बनाया, जिसके अधिकार उसके पास नहीं थे।
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आयोग का गठन हिमाचल प्रदेश प्राइवेट एजूकेशनल इंस्टीच्यूट्स (रेगुलेटरी कमीशन) एक्ट 2010 के तहत किया गया था। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य के 16 निजी विश्वविद्यालयों समेत करीब 255 निजी शिक्षण संस्थान इस आयोग के दायरे में आ गए हैं।

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प्रदेश सरकार ने किया था गठन

Private Educational Institutions Regulatory Commission has resumed in HP

राज्य सरकार ने निजी शिक्षण संस्थानों पर नियंत्रण, शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकने के लिए इसका गठन किया था। लेकिन प्राइवेट यूनिवर्सिटीज मैनेजमेंट एसोसिएशन ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी।

अब हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने स्टे करते हुए 18 अक्तूबर 2013 से पहले की स्थिति बहाल कर दी है। केवल सेल्फ फाइनांसिंग सीटों को लेकर कुछ स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के कंपलीट आर्डर की प्रति का इंतजार है।

नियामक आयोग की अध्यक्ष सरोजनी गंजू ठाकुर ने बताया कि कमीशन को सरकार ने पहले भी बंद नहीं किया था, लेकिन शुक्रवार से पहले की तरह सारा काम बहाल हो गया है।

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