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नियामक आयोग सख्त, निजी शिक्षण संस्थानों से एंटी रैगिंग कमेटियों का ब्योरा तलब

Tue, 19 Sep 2017 01:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 19 Sep 2017 01:04 PM IST
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private educational institution commision sought for anti ragging committee data

एक निजी शिक्षण संस्थान में रैगिंग का मामला सामने के बाद हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने सभी निजी संस्थानों से एंटी रैगिंग कमेटियों के गठन के बारे में और उनकी गतिविधियों का ब्योरा तलब किया है। 

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आयोग ने ये निर्देश बेल्स इंस्टीट्यूट की तरह ऐसे संस्थानों में रैगिंग की घटनाओं को रोकने के लिए जारी किए हैं। इस संस्थान की अथारिटी को आयोग ने तलब किया तो उन्होंने माना कि उनके हॉस्टल में रैगिंग की घटना को बाहरी लोगों की मदद से एक विद्यार्थी ने अंजाम दिया। 
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परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश और विद्यार्थियों की सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं कर पाने को भी इस संस्थान की अथारिटी को जिम्मेवार ठहराया। आयोग ने सू-मोटो लेते हुए बेल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नालॉजी मैहली शिमला के प्रधानाचार्य और वार्डन को रैगिंग का मामला सामने आने पर समन भेजा। 
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इन दोनों से मामले पर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए स्थिति साफ करने को कहा है। आयोग के सदस्य की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि संस्थान की अथारिटी ने इस बात को स्वीकार किया है कि सात और आठ सितंबर की रात को इनके हॉस्टल में रैगिंग की घटना हुई। 

संस्थान के एक विद्यार्थी ने कुछ बाहरी लोगों के साथ हॉस्टल में अन्य विद्यार्थियों को परेशान किया। आयोग ने इस मामले का कड़ा संज्ञान लिया और ये माना कि संस्थान की अथारिटी को जिम्मेवार करार दिया जाना चाहिए कि बाहरी लोगों ने कै से कैंपस में प्रवेश कर लिया। परिसर में विद्यार्थियों के रहने के मामले पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की जरूरत है। 

पहले भी जारी किए हैं निर्देश 
आयोग ने पहले से ही सभी निजी संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे एंटी रैगिंग कमेटियां बना लें। एंटी रैगिंग एक्ट के प्रावधानों को गंभीरता से लागू किया जाए। यही नहीं, इन कमेटियों को विद्यार्थियों से निरंतर संवाद बनाना चाहिए।

शिक्षक ने बच्चे को मारे थप्पड़, पिता को दी धमकी

private educational institution commision sought for anti ragging committee data

शाहपुर स्थित एक निजी स्कूल में अध्यापक ने पहले तो 5 वर्ष के पहली कक्षा के छात्र को चांटे मार दिए। जब बच्चे ने अपने पिता से अध्यापक की शिकायत की तो निजी स्कूल प्रबंधन ने उल्टा पिता के खिलाफ केस करने की धमकी दे डाली। इसके बाद पिता स्कूल प्रबंधन के खिलाफ थाने पहुंच गया।

शाहपुर थाने में पिता ने निजी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधक के खिलाफ बच्चे के साथ मारपीट करवाने के आरोप में शिकायत दर्ज करवाई है। पहली कक्षा में पढ़ रहे दिव्यांश ने अपने पिता नैतिक डोगरा से वीरवार को स्कूल में उसके साथ उसके अध्यापक द्वारा उसे थप्पड़ मारने की शिकायत की।

नैतिक डोगरा ने कहा कि वह सरकारी कर्मचारी है। सोमवार को जब वह मामले की जानकारी लेने स्कूल में प्रिंसिपल के पास गए तो वह उलटे उन्हें ही नसीहत देने लगे कि अगर ज्यादा हल्ला किया तो वह उनके खिलाफ मामला दर्ज करवा सकते हैं। स्कूल प्रिंसिपल दिनेश कौशल ने कहा कि ऐसा कोई भी मामला उनके ध्यान में नहीं है।

थाना प्रभारी शाहपुर राजकुमार ने कहा कि शिकायत थाने में आई है। उन्होंने छात्र का मेडिकल करवाने को कहा है। जल्द पीड़ित बच्चे के अभिभावक और स्कूल के प्रबंधक को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। गौरतलब है कि निजी स्कूल हाल ही में गुरुग्राम स्थित एक स्कूल में हुई बच्चे की मौत से भी सबक नहीं ले रहे हैं।

लापरवाही का आलम निजी स्कूलों में थमने का नाम नहीं ले रहा है। शाहपुर के निजी स्कूल में अगर पिता अध्यापक की शिकायत लेकर गया तो आखिर स्कूल प्रबंधन द्वारा कथित रूप से उस पर ही केस करने की धमकी देना दर्शाता है कि स्कूलों में हालात किस कद्र बेहतर हैं।

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