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आरटीई के नियमों को ठेंगा दिखा रहे स्कूल, नौ साल बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था

Sat, 24 Mar 2018 12:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Sat, 24 Mar 2018 12:48 PM IST
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private and govt schools not following the RTE act

शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम 2009 को प्रदेश में स्थित सरकारी और निजी स्कूल ठेंगा दिखा रहे हैं। प्रदेश का शिक्षा विभाग तीन साल के निर्धारित समय के भीतर स्कूलों में अधिनियम के प्रावधान लागू नहीं करवा पाया है।

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अधिनियम लागू होने के नौ साल बाद भी प्रदेश में न तो सख्ती से स्कूलों का पंजीकरण हो रहा है, न मानकों पर शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। पूर्व में प्रदेश की सत्ता पर काबिज रही सभी सरकारें भी इससे अंजान ही रही हैं। अब प्रदेश में बनी जयराम सरकार ने नए सिरे से नियमों को लागू करने की कवायद शुरू की है।
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देश में 6 से 14 वर्ष के हर बच्चे को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 बनाया गया है। यह पूरे देश में अप्रैल 2010 से लागू किया गया। राज्य सरकारों को साल 2012 तक इस संदर्भ में नियम बनाकर लागू करने को कहा था लेकिन हिमाचल में यह अधिनियम पूरी तरह से लागू नहीं हुआ।

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स्कूलों की हो रही जीओ मैपिंग

private and govt schools not following the RTE act

अधिनियम के तहत कुछ ही चीजों को प्रदेश में शुरू किया गया। शेष को सरकारें और शिक्षा विभाग भूल गए। इस लापरवाही के चलते ही प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी जारी है। सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए कोई मानक तय नहीं हैं।

स्कूलों का पंजीकरण तक नहीं हो रहा है। जगह-जगह स्कूल खोल दिए गए हैं। अब जयराम सरकार ने इन सब कमियों को दूर करने का फैसला लिया है। सरकार के आदेशानुसार शिक्षा सचिव इन दिनों आरटीई अधिनियम को स्टडी कर रहे हैं। 

शिक्षा सचिव के आदेशानुसार इन दिनों प्रदेश में स्थित सभी स्कूलों की जीओ मैपिंग की जा रही है। इस कार्य के पूरा होने से पता चल सकेगा कि कितनी-कितनी दूरी पर स्कूल स्थित हैं। 

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 प्रदेश में पूरी तरह से लागू नहीं हुआ है। इस संदर्भ में प्रदेश सरकार से जल्द मामला उठाया जाएगा। सरकार से मंजूरी मिलते ही संबंधित विभागों को अधिनियम के तहत सख्ती से काम करने के आदेश जारी किए जाएंगे। - अरुण शर्मा, शिक्षा सचिव हिमाचल सरकार

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