पुजारियों, कारदारों ने हड़पी देवताओं की 90 हजार बीघा जमीन
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला में पुजारियों, कारदारों और मुजारों पर 642 देवी-देवताओं की 90 हजार बीघा जमीन हड़पने का आरोप है। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने प्रार्थी संस्कृति चैरिटेबल ट्रस्ट कुल्लू की याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किए।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुल्लू जिला के 624 देवी-देवताओं की लगभग 90 हजार बीघा भूमि को पुजारियों, कारदारों और अन्य लोगों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर अपने नाम कर लिया है।
90744 में से अब बची सिर्फ 8400 बीघा
याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार साल 1948-49 के राजस्व रिकार्ड में 90744 बीघा जमीन कुल्लू के 624 देवी-देवताओं के नाम दर्ज थी। इसे टेनसी लैंड रिफॉर्म्स एक्ट और अवोलिशन ऑफ बिग लैंड डीड एस्टेट के प्रावधानों का दुरुपयोग करते हुए पुजारियों, कारदारों और मुजारों ने राजस्व विभाग की मिलीभगत से अपने नाम कर दिया।
आज के समय में सिर्फ 8400 बीघा जमीन ही देवी-देवताओं के नाम दर्ज हैं। प्रार्थी ट्रस्ट ने अदालत से गुहार लगाई है कि राजस्व रिकार्ड द्वारा इस तरह आदेशों को निरस्त किया जाए। देवी-देवताओं को उनकी जमीन वापिस देने के आदेश पारित किए जाए। प्रार्थी ने मामले की जांच हाई लेबल कमेटी से करवाने की मांग की है। मामले की सुनवाई तीन नवंबर को निर्धारित की गई है।