गजब! सेब उगाना तक नहीं सीख पाया राष्ट्रपति कार्यालय
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देश का राष्ट्रपति कार्यालय हिमाचल में सेब उगाना नहीं सीख पाया। इसे छराबड़ा में राष्ट्रपति कार्यालय के तकरीबन 125 एकड़ जमीन पर फैले बगीचे को देखकर माना जा सकता है।
यह इस लायक नहीं है कि इसमें बागवानी की जा सके। राज्य सचिवालय शिमला से लगभग 14 किलोमीटर दूर भारत के राष्ट्रपति के ट्रांजिट निवास रिट्रीट भवन के साथ है यह बगीचा।
बगीचे की देखभाल करने के लिए कर्मचारियों की लंबी चौड़ी फौज है। बगीचे की डेकोरेशन तो खूब की गई है।
बगीचे तक जाने के लिए सीमेंट से सड़क तैयार की गई है, जाली की बाड़ लगाई गई है और स्ट्रीट लाइटें चमक रही हैं बगीचे के बाहर टनों गोबर पड़ा है।
घास कटी पड़ी है, लेकिन बगीचा एकदम उजाड़ है। सेब के अधिकतर पेड़ सूखकर जमीन पर गिरे हुए हैं। जो बचे हैं, लगता है कि उनकी ठीक से देखभाल नहीं की जा रही। खाली हुई जगहों पर नए पौधे भी नहीं दिखते।
दूसरे राज्य हमसे सीख रहे खेती करना
हिमाचल से जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड के साथ ही पूर्वोत्तर राज्य तक के बागवान सेब की अत्याधुनिक बागवानी सीख रहे हैं।
पास में ही मशोबरा में नौणी विवि का क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र है। मगर राष्ट्रपति कार्यालय की मदद हिमाचल नहीं कर पाया।
उधर, डा. वाईएस परमार उद्यान एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति डा. विजय सिंह ठाकुर का कहना है कि यदि राष्ट्रपति कार्यालय इस संबंध में उनसे कोई मदद मांगेगा तो बिल्कुल कोई प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वीआईपी एरिया होने पर अपने स्तर पर नौणी विश्वविद्यालय का मशोबरा अनुसंधान केंद्र यहां कुछ नहीं कर सकता। कुछ साल पहले कुछ पौधे जरूर मांगे गए थे।
यहां एक बहुत पुराना बगीचा रहा है, जिसकी उम्र पूरी हो चुकी है। इसलिए इसे उजाड़ होना ही था।