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हिमाचल में स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं दो बार लेने की तैयारी, पढ़ें पूरा मामला
Wed, 25 Aug 2021 06:59 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 25 Aug 2021 06:59 PM IST
सार
शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था के शीर्ष पर पहुंचाने का एक साधन है। इसके चलते आंतरिक बदलाव होगा और संसाधनों को बढ़ावा मिलेगा।
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अब साल में दो बार बोर्ड परीक्षाएं ले सकता है। अगर सीबीएसई के पैटर्न पर विषय विशेषज्ञों के अलावा मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मुहर लगाते हैं तो इसे कार्यान्वित किया जाएगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड शिक्षाविदों के साथ आगामी चार-पांच दिन तक कार्यशालाएं आयोजित करेगा। जानकारी के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2021-22 की परीक्षाएं साल में दो बार टर्म-1 व टर्म-2 में 50:50 प्रतिशत पाठ्यक्रम के आधार पर आयोजित करवाने का निर्णय लिया गया है।
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हिमाचल बोर्ड भी सीबीएसई की तर्ज पर नौवीं और 10वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में कटौती करने, बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार टर्म-1 व टर्म-2 में करवाने, सीबीएसई के अनुरूप प्रश्नपत्र तैयार करने और आठवीं कक्षा के प्रश्नपत्रों में संशोधन करने के उद्देश्य से बोर्ड की एक कार्यशाला हुई। इस कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों से अंग्रेजी, हिंदी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, कंप्यूटर साइंस विषय और सीबीएसई के विद्यालयों के विषय विशेषज्ञों को अपने सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया गया।
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बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था के शीर्ष पर पहुंचाने का एक साधन है। इसके चलते आंतरिक बदलाव होगा और संसाधनों को बढ़ावा मिलेगा। इस संबंध में प्रबुद्ध विषय विशेषांक के साथ कार्यशालाएं होंगी। इस दौरान जो भी सुझाव मिलेंगे, उनके अनुरूप प्रारूप तैयार करके मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के साथ विचार विमर्श कर इन्हें कार्यान्वित किया जाएगा। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि 26 अगस्त को जमा एक व जमा दो कक्षाओं के पाठ्यक्रम में कटौती करने, बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार करवाने तथा सीबीएसई के अनुरूप प्रश्नपत्र तैयार करने के बारे में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
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