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Himachal News: 10 हजार मेधावियों को टेबलेट-लैपटॉप की जगह नकद राशि देने की तैयारी

Sun, 29 Oct 2023 10:55 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 29 Oct 2023 10:55 AM IST
सार

शिक्षा विभाग ने इस बाबत प्रस्ताव तैयार कर दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के शिमला लौटने पर इसको लेकर फैसला होगा। शैक्षणिक सत्र 2022-23 की मेरिट सूची में शामिल मेधावियों को सम्मानित करने की प्रक्रिया के तहत यह नई व्यवस्था हो सकती है। 

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Preparation to give cash instead of tablets and laptops to 10 thousand meritorious students
लैपटॉप(प्रतीकात्मक) - फोटो : iStock

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में 10वीं, 12वीं कक्षा समेत कॉलेजों के दस हजार मेधावियों को टेबलेट-लैपटॉप की जगह अब नकद राशि देने की तैयारी है। शिक्षा विभाग ने इस बाबत प्रस्ताव तैयार कर दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के शिमला लौटने पर इसको लेकर फैसला होगा। शैक्षणिक सत्र 2022-23 की मेरिट सूची में शामिल मेधावियों को सम्मानित करने की प्रक्रिया के तहत यह नई व्यवस्था हो सकती है। वर्ष 2021-22 के विद्यार्थियों के लिए इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेशन के माध्यम से टेबलेट की खरीद हो रही है। धूमल सरकार ने साल 2012 में दसवीं के चार हजार मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की योजना शुरू की थी। दिसंबर 2012 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भी यह योजना जारी रही।

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वीरभद्र सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें 12वीं कक्षा के विद्यार्थी भी जोड़े। मेधावियों की संख्या बढ़ाकर दस हजार कर दी। जयराम सरकार ने दसवीं-बारहवीं कक्षा के 800 मेधावियों की संख्या कम कर इनकी जगह कॉलेजों के विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया। जयराम सरकार ने लैपटॉप योजना को बंद कर मेधावियों को टेबलेट दिए थे। अब सुक्खू सरकार विचार कर रही है कि मेधावियों काे क्या दिया जाए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने तीन तरह के विकल्पों की सिफारिश करते हुए प्रस्ताव तैयार किया है।
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पहला विकल्प लैपटॉप का है, दूसरा टेबलेट का। तीसरा विकल्प डिवाइस की जगह नकद राशि देने का है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नकद राशि देने के विकल्प को लेकर उच्च अधिकारियों ने सहमति जताई है। अब शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की मंजूरी लेने के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा। मुख्यमंत्री से मंजूरी मिली तो शैक्षणिक सत्र 2022-23 के मेधावियों के बैंक खाते में दस से पंद्रह हजार रुपये की राशि डाली जाएगी।
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