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नशा तस्करी के संदेह पर 6 माह तक हिरासत में रखने की तैयारी

Tue, 15 Jan 2019 10:11 AM IST
ashok chauhan प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला Published by: ashok chauhan Updated Tue, 15 Jan 2019 10:11 AM IST
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Preparation for detention of drug trafficking for 6 months in himachal

हिमाचल में अब नशा तस्करी करने का संदेह होने पर संदिग्ध को छह माह तक पुलिस  हिरासत में रखने की तैयारी है। प्रदेश पुलिस ने नशा तस्करों  पर लगाम कसने के लिए पंजाब की तर्ज पर पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत एक दिन की हिरासत को तीन से छह माह तक करने का प्रस्ताव तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजा है। प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने के बाद हिमाचल पुलिस बिना नशा पकड़े शक पर भी संदिग्ध को लंबे समय तक हिरासत में ले सकेगी। 

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प्रदेश में बढ़ते नशे के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए जयराम सरकार गंभीर है। हाल ही में सरकार ने एनडीपीएस एक्ट में संशोधन कर नशीले पदार्थ के साथ पकड़े जाने वालों को थाने से जमानत न देने की व्यवस्था की है। अब हिमाचल पुलिस ने एक प्रस्ताव सरकार को भेजा है जिसमें नशीले पदार्थों की तस्करी की आशंका पर ही तीन से छह महीने के लिए हिरासत में रखा जा सकेगा।

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अभी 24 घंटे में पेश करना पड़ता है कोर्ट में 

Preparation for detention of drug trafficking for 6 months in himachal

 प्रस्ताव के तहत सरकार से प्रिवेंशन ऑफ ट्रैफिक एनडीपीएस (पीआईटी एनडीपीएस) एक्ट के प्रावधान के अनुसार स्टेट एडवाइजरी कमेटी बनाने की सिफारिश की है। यह कमेटी पुलिस की ओर से हिरासत में लेने के लिए भेजे गए संदिग्धों पर चर्चा कर हिरासत की मंजूरी देगी।

तीन सदस्यीय कमेटी की अध्यक्षता सचिव स्तर का एक अधिकारी करेगा। पुलिस ने यह कवायद ऐसे समय में शुरू की है जब हाल ही में पंजाब की अमरिंदर सरकार ने नशा तस्करी पर लगाम कसने के लिए इस व्यवस्था को मंजूरी दी है।

डीजीपी सीताराम मरडी ने बताया कि फिलहाल यह प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो प्रदेश में नशे के सौदागरों पर नकेल कसने में और आसानी हो जाएगी।

वर्तमान में पुलिस अगर किसी व्यक्ति को हिरासत में लेती है तो उसे चौबीस घंटे के भीतर कोर्ट में पेश करना होता है। अगर वह ऐसा नहीं करती तो उसे छोड़ना पड़ता है।

नहीं तो पुलिस कर्मियों पर कानूनी कार्रवाई का खतरा रहता है। पीआईटी एनडीपीएस एक्ट में एडवाइजरी कमेटी की सिफारिश पर अधिकतम छह महीने तक डिटेंशन की व्यवस्था है। पुलिस इस कमेटी के गठन पर जोर दे रही है।

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