धूमल ने की शिकायत तो अटल जी ने खिलाए दो लड्डू
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि जितने लोगों को वह जानते हैं, उनमें बहुत कम वाजपेयी जैसे हैं। कट्टर विरोधी भी वाजपेयी का व्यक्तिगत विरोध नहीं करते हैं। स्वयं वाजपेयी भी किसी पर आक्षेप नहीं करते।
आज अगर देश में भाजपा है तो वाजपेयी और आडवाणी की बदौलत। धूमल ने कहा कि 1989 में जब वह पहली बार लोकसभा सांसद बने तो संसद में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें गले लगाकर शुभकामनाएं दीं।
1991 में दूसरी बार लोकसभा का चुनाव जीता तो उस दौरान वाजपेयी अपनी गोद ली बेटी के साथ मनाली आए हुए थे। उन्हें मुलाकात के लिए मनाली वन विभाग के विश्रामगृह में बुलाया गया। धूमल ने कहा कि वाजपेयी ने अपनी बेटी को मेरा मुंह मीठा करवाने के लिए कहा।
तो वाजपेयी ने ठहाका लगाते बेटी से कहा था
लेकिन मैंने कहा कि आप चुनाव प्रचार के दौरान हमीरपुर और कांगड़ा को छोड़ (मंडी) पड़ोस में दो जनसभाएं कर गए। लेकिन उनके यहां नहीं आए। तो वाजपेयी ने ठहाका लगाते बेटी से कहा कि धूमल को दो लड्डू खिलाओ, चूंकि जहां वह गए वहां दोनों सीटें भाजपा हार गई।
लेकिन मेरे न आने के बावजूद आप चुनाव जीते हैं। धूमल ने कहा कि 1998 में जब वह मुख्यमंत्री बने तो दिल्ली में प्रधानमंत्री वाजपेयी से मिलने गए। लेकिन वहां प्रधानमंत्री कार्यालय के स्टाफ ने कहा कि आज मुलाकात नहीं हो सकती।
बावजूद वाजपेयी ने उन्हें शाम आठ बजे सूप पर आमंत्रित किया और ऐनी टाइम अप्वाइंटी की सूची में नाम भी लिखवाया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने हिमाचल को अरबों रुपये की स्पेशल ग्रांट और औद्योगिक पैकेज के रूप में आर्थिक मदद प्रदान की है।