गुड़िया केस पर बोले धूमल- अपनी आत्मा को झिंझोड़िए, ये आपका अंतिम सत्र है
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुड़िया मामला और प्रदेश के कई अन्य हत्याकांडों पर काम रोको प्रस्ताव लाकर नियम 67 की चर्चा करने पर जोर देते हुए नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने सत्ता पक्ष की ओर कहा - अपनी आत्मा को झिंझोड़िए, ये आपका अंतिम सत्र है।
काम रोको प्रस्ताव लाकर इससे गंभीर विषय चर्चा के लिए कोई दूसरा नहीं हो सकता। उन्होंने स्पीकर को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को भी निश्चित तौर पर विश्वास है कि उसका सही पक्ष लोगों के सामने आना चाहिए।
ऐसे में चर्चा करवाने को मंजूरी दी जाए। उन्हाेंने आग्रह किया कि इस पर चर्चा को मंजूर किया जाएगा। धूमल ने सोमवार को सदन में कहा कि किसी भी सरकार का सबसे बड़ा दायित्व उसकी जनता की जान, माल और सम्मान की रक्षा करना होता है।
यहां कहा जा रहा है कि सही नियम के तहत आवाज उठाई जाए। ऐसे में नियम 67 किसलिए है? जहां मामला जान, माल और सम्मान की सुरक्षा को हो तो इससे बेहतर कोई दूसरा नियम चर्चा के लिए नहीं हो सकता।
आज बार-बार प्रश्नकाल आरंभ करने की बात की जा रही है। जहां लोगों की जान और माल की सुरक्षा दांव पर हो तो उससे बड़ा कोई दूसरा सवाल नहीं हो सकता। राज्य सरकार के महाधिवक्ता ने खुद कहा है कि हालात बहुत खराब हो गए हैं।
प्रदेश में हो रही हत्याएं, होनी चाहिए चर्चा
सीबीआई की जांच की जानकारी समाचार पत्रों में दी जा रही है। अर्द्ध न्यायिक बातें कही जा रही हैं। सीएम के फेसबुक पेज पर चार फोटो का आना और इनका गायब कर दिया जाना। संबंधित युवाओं के घरों पर सीबीआई की रेड का होना।
दूसरी ओर वन गार्ड होशियार सिंह के मामले में स्टोरी बनाई गई कि उसने जहर खाया है। अब चार वनकाटू पकड़े गए हैं। पुलिस को कॉल डिटेल का कई महीने पता ही नहीं चला। सोलन में दो नौजवानों की हत्या हो गई।
रोहड़ू में भी ऐसा हुआ। ठियोग में लाश मिली। कुल्लू में दुराचार का मामला सामने आया। गुड़िया कांड में कहा गया है कि असली आरोपी पकड़े गए हैं। इन सारी बातों पर चर्चा होनी चाहिए।