'सीएम को मंत्रियों पर नहीं भरोसा, पीछे लगा रखी है सीआईडी'
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मुख्यमंत्री को अपने ही मंत्रियों पर भरोसा नहीं है। उनके पीछे सीआईडी लगा दी है। अगर सीएम लोकप्रिय हैं तो उन्हें अपने ही लोगों से खतरा क्यों है? हमीरपुर पर तो विश्वास नहीं करते, शिमला पर तो करो।
यह बात पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने शिमला भाजपा मंडल के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के दौरान कही। कहा कि विस चुनाव के लिए जनता को 2017 तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ये 2016 में पक्का हैं।
आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जब से सत्ता में आए हैं, कोई भी भले का काम नहीं किया। चुनाव घोषणापत्र में बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही थी, लेकिन नहीं दिया गया। अब सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी और सफाई कर्मचारियों के पद भरे जाने हैं। करीब 40 हजार बेरोजगारों ने आवेदन किया है। जिन्हें नौकरी पर रखा जाना है, उनकी सूची पहले ही बन गई है।
सीबीआई रेड पर ये बोले धूमल
सरकार दावा कर रही है कि बड़े-बड़े औद्योगिक घराने प्रदेश में निवेश को तैयार हैं, जबकि हकीकत यह है कि 200 उद्योग पलायन कर चुके हैं। वीरभद्र कभी कहते हैं धूमल को केंद्र में कोई पूछ नहीं रहा और इन्हें साइड लाइन कर दिया है।
सीबीआई रेड के बाद कहने लगे हैं कि उनके ही इशारे पर रेड हुई है। कहा कि सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर को अगर ध्यान से पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि यूपीए सरकार में वीरभद्र सिंह जब 2009 से 2012 तक केंद्रीय मंत्री थे, यह जांच उस समय की है।
स्कूली बच्चों की वर्दी में घोटाला करने से भी सरकार नहीं चूकी। सरकार ने तीन साल में एक बार ही वर्दी दी है। सरकार ने वर्दी का ऑर्डर राजस्थान को दिया, लेकिन यह महाराष्ट्र से आई। इस पर सीएम ने विधानसभा में एफआईआर दर्ज करने का दावा किया था, लेकिन आज तक दोषियों के खिलाफ एफआईआर नहीं हुई।
बख्शे नहीं जाएंगे दोहरे मापदंड अपनाने वाले अफसर
बकौल धूमल उन्हें किसी ने कहा कि आपके लिए शिमला से सीआईडी भेजी है। मोबाइल फोन टैप किए जा रहे हैं तो मैंने कहा इससे डरने वाला नहीं हूं शराब, खनन, वन और ट्रांसफर माफिया के खिलाफ वैसे ही बोलता रहूंगा, जैसे सार्वजनिक मंच पर माइक पर बोलता हूं।
कहा कि उनकी संपत्ति के बारे में एक व्यक्ति ने झूठी शिकायत विजिलेंस में करवाई है। उन पर संपत्ति को लेकर बेबुनियाद आरोप लगाए गए। अगर सरकार को उनकी ऐसी संपत्तियों के बारे में जानकारी है तो वीरभद्र सरकार इन संपत्तियों पर उनका कब्जा दिला दें। जिसने यह झूठी शिकायत की उसे सरकार ने डिप्टी एडवोकेट जनरल के पद से नवाजा है।
धूमल ने कहा कि कांग्रेसी अगर प्रधानमंत्री का पुतला फूंकते हैं तो उनके खिलाफ कोई केस नहीं होता। अगर भाजपाई मुख्यमंत्री का पुतला फूंकते हैं तो उन पर केस बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि ऐसे दोहरे मापदंड अपनाने वाले अफसरों के नाम नोट करें। भाजपा सरकार बनने पर इनके खिलाफ मुकदमे दिए जाएंगे। जल्द भाजपा इस मुद्दे पर पीआईएल करने जा रही है।
धूमल ने ली चुटकी
धूमल ने सरकार पर चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें आज एक सांसद का कॉल आया और कहा कि उनके परिचित की आठ बार ट्रांसफर हो गई है आप कुछ करो। पलट कर सांसद से कहा कि अगर मैंने कुछ किया तो 9वीं बार ट्रांसफर सुनिश्चित है। कहा कि प्रदेश में ट्रांसफर माफिया सक्रिय है।