हिमाचल में प्री मानसून से कई इलाकों में सड़कें ध्वस्त, फसलें बर्बाद
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प्री मानसून की बौछारों ने ही सूबे में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बुधवार रात से वीरवार सुबह नौ बजे तक हुई बारिश से कई जगह नेशनल हाईवे तालाब बन गए तो कहीं संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गए।
कहीं गौशालाएं गिरीं तो कहीं घरों में पानी घुस गया। खेतों में जलभराव से टमाटर की फसल भी पूरी तरह तबाह हो गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक 22 जून तक प्रदेश भर में बारिश के आसार हैं।
बारिश की फुहारों से प्रदेश के अधिकतम तापमान में भी तीन से चार डिग्री की कमी दर्ज की गई है। बारिश से मंडी की बल्ह घाटी के नागचला, रती और डडौर में नेशनल हाईवे में पानी भरने से बुधवार रात को आवाजाही में दिक्कतें हुईं।
टमाटर की फसल तबाह, स्कूल की दीवार गिरी, सड़कें ठप
नागचला से डडौर तक फोरलेन के दोनों तरफ खेतों में पानी भरने से टमाटर की फसल बर्बाद हो गई। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौकी चंद्राहण में सांस्कृतिक मंच की दीवार गिर गई।
धर्मपुर उपमंडल के सज्योपिपलू पंचायत के जोढन गांव में पेड़ गिरने से दो गौशालाएं ध्वस्त हो गईं। टिहरा क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक संपर्क सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कुल्लू के सैंज स्थित पागलनाला में सैंज-औट मार्ग लगभग 15 घंटे ठप रहा।
सैंज की तरफ 80 बसें फंसी रहीं। बद्दी में फसलों को नुकसान पहुंचा है। मलपुर के निकट दो मवेशियों की शेड गिरने से मौत हो गई। जिला चंबा में बारिश से बागवान खासे आहत हैं। इन दिनों खुमानी की फसल तैयार है और बारिश से उसके खराब होने की आशंका बढ़ गई है।