हिमाचल के स्कूलों में ‘अक्षर-अक्षर लौ’ से होगी प्रार्थना सभा की शुरुआत
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हिमाचल प्रदेश के स्कूलों की प्रार्थना सभा में ‘अक्षर-अक्षर लौ’ गूंजेगा। स्कूलों के कार्यक्रमों में बोर्ड की ओर से रिलीज किया गया कुलगीत ‘ज्ञान का यह आलोक अयन’ भी गाया जाएगा। इस कुलगीत और प्रार्थनाओं को गुरुवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ऑनलाइन माध्यम से रिलीज किया। स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश सोनी बताया कि कुलगीत और प्रार्थना सभाओं में स्कूल बोर्ड के रूप स्वरूप को चित्रित करता कुलगीत शब्द व संगीतबद्ध किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए हिमाचल के सभी स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा में एकरूपता लाने के लिए लगभग पिछले एक वर्ष से कमेटी गठित कर इस विषय पर कार्य चल रहा था। परियोजना के तहत कुलगीत के अतिरिक्त समकालीन विषयों नारी सशक्तीकरण, पर्यावरण, स्वच्छता व हिमाचल वंदन पर प्रार्थना गीत रचे गए।
उन्होंने बताया कि कुलगीत ‘ज्ञान का यह आलोक अयन’ और प्रार्थनागीत अक्षर अक्षर लौ, सच की राह, पेड़ नहीं हैं हरित छांव की रचना सुप्रसिद्ध कवि व कथाकार प्रो. चंद्र रेखा डढवाल ने व वंदन मेरे हिमाचल की रचना सेवानिवृत्त प्राचार्य व समाजसेवी बलवीर पठानिया ने की। इन सभी गीतों को संगीतबद्ध खनियारा खास स्कूल के प्रवक्ता राज्य एवं राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित डॉ. जनमेजय गुलेरिया ने किया है। संयुक्त रूप से कुलगीत व पर्यावरण बचाओ की शब्द व संगीत रचना पनारसा स्कूल मंडी के डॉ. महेश शर्मा ने की है। इन गीतों को स्वर संगीत शिक्षकों के साथ जनमेजय के शिष्यों विक्रांत, व्रजेश, रिद्धि, हिमानी, शैलजा, शिवाली व शैलजा कपूर ने दिया है।