Lok Sabha Election 2024: मंडी से कंगना के खिलाफ विक्रमादित्य सिंह लड़ेंगे चुनाव, कांग्रेस ने किया एलान
लोकसभा चुनाव को लेकर मंडी से विक्रमादित्य सिंह को उम्मीदवार घोषित किया गया है। वहीं, शिमला से विधायक विनोद सुल्तानपुरी चुनाव लड़ेंगे। कांगड़ा और हमीरपुर सीट पर मंथन जारी है।
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हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने दो प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। मंडी संसदीय सीट से लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और शिमला से विधायक विनोद सुल्तानपुरी चुनाव लड़ेंगे। शनिवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की मौजूदगी में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में दो विधायकों को लोकसभा का चुनाव लड़ाने का फैसला लिया गया है।
कांगड़ा और हमीरपुर सीट पर मंथन जारी है। अगले सप्ताह दोबारा बैठक होना संभावित है। इस दौरान दो लोकसभा क्षेत्रों सहित छह विधानसभा उपचुनाव के लिए भी प्रत्याशी घोषित होने के आसार हैं। कांगड़ा संसदीय सीट से पूर्व मंत्री आशा कुमारी और पूर्व विधायक जगजीवन पाल के साथ विधायक रघुवीर सिंह बाली पर भी अब चर्चा हो रही है। हमीरपुर से सतपाल रायजादा का नाम लगभग तय है। हालांकि पार्टी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के इस गृह संसदीय क्षेत्र से अन्य विकल्प भी देख रही है।
शनिवार को हुई बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ल, स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरणदास, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मौजूद रहे। प्रदेश कांग्रेस की ओर से मंडी संसदीय सीट पर भाजपा प्रत्याशी और बाॅलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत से मुकाबला करने के लिए युवा नेता विक्रमादित्य सिंह के नाम की सिफारिश की गई। पार्टी हाईकमान ने सहमति जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह को पार्टी प्रत्याशी बनाने का फैसला लिया।
शिमला संसदीय सीट से लगातार छह बार सांसद रहे दिवंगत केडी सुल्तानपुरी के पुत्र और कसौली से विधायक विनोद सुल्तानपुरी को चुनाव लड़ाने का फैसला लिया गया। विनोद का भाजपा के वर्तमान सांसद सुरेश कश्यप से मुकाबला होगा। सुल्तानपुरी जिला सोलन और सुरेश कश्यप जिला सिरमौर से संबंध रखते हैं। कांगड़ा संसदीय सीट पर नगरोटा बगवां से विधायक रघुवीर सिंह बाली के नाम पर भी चर्चा हुई। बाली वर्तमान में पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष हैं। इनके पिता दिवंगत जीएस बाली पूर्व की वीरभद्र सरकार में परिवहन मंत्री थे।
उपचुनाव के प्रत्याशी तय करने में जल्दबाजी नहीं
छह विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट तय करने में कांग्रेस जल्दबाजी के मूड में नहीं है। हिमाचल में एक जून को मतदान होना है। ऐसे में पार्टी हर समीकरण पर मंथन में जुटी है। कांग्रेस के बागियों को भाजपा के टिकट मिलने के बाद से कई विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के नेताओं के बीच चल रहे आंतरिक द्वंद्व पर भी नजर रखी जा रही है। राज्य सरकार को पूर्ण बहुमत में रखने के लिए अपनी पार्टी के भीतर भी टिकट तय होने के बाद संभावित नाराजगी को भी दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
वीरभद्र परिवार ने छह बार जीता मंडी का रण
मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह वर्तमान में सांसद हैं। 2019 के आम चुनाव में इस सीट से भाजपा के प्रत्याशी रामस्वरूप शर्मा ने कांग्रेस के आश्रय शर्मा को करीब चार लाख मतों से हराया था। सांसद रामस्वरूप के निधन के चलते वर्ष 2021 में इस सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने खुशाल ठाकुर को टिकट दिया था। इस उपचुनाव में प्रतिभा सिंह ने जीत दर्ज की थी। मंडी संसदीय क्षेत्र को पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के परिवार की परंपरागत सीट के तौर पर जाना जाता है। दिवंगत वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह यहां से तीन-तीन बार चुनाव जीत चुके हैं।
अब कांग्रेस ने वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट के तहत प्रदेश के छह जिलों मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, शिमला और चंबा के 17 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इसमें धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर मंडी जिला के शेष नौ विधानसभा क्षेत्र, कुल्लू के सभी चार क्षेत्र, किन्नौर, लाहौल-स्पीति सहित शिमला जिला का रामपुर और चंबा का भरमौर विधानसभा क्षेत्र शामिल है। वर्तमान में इन 17 विधानसभा क्षेत्रों में से 12 में भाजपा और कांग्रेस के चार विधायक हैं। लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर को अयोग्य घोषित करने के चलते यहां विधानसभा का उपचुनाव हो रहा है।
कांग्रेस के गढ़ रहे शिमला में भाजपा ने जीते लगातार तीन चुनाव
शिमला संसदीय क्षेत्र कभी कांग्रेस का गढ़ होता था। यहां से दिवंगत केडी सुल्तानपुरी ने लगातार बार छह लोकसभा चुनाव जीता। सातवीं लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस के सिपाही बनकर मैदान में उतरे केडी सुल्तानपुरी ने शिमला संसदीय सीट को पार्टी का दुर्ग बना दिया था। राजनीति के यह सुल्तान शिमला सीट पर काफी बलवान रहे थे।
सुल्तानपुरी ने 1980 से 1998 तक शिमला सीट पर जीत दर्ज की। वहीं, बीते तीन लोकसभा चुनाव से यहां लगातार भाजपा जीत दर्ज कर रही है। वर्तमान में भाजपा सांसद सुरेश कश्यप से पहले वीरेंद्र कश्यप यहां से दो बार सांसद रहे। अब कांग्रेस ने दोबारा अपनी सीट जीतने के लिए दिवंगत केडी सुल्तानपुरी के बेटे और कसौली से विधायक विनोद सुल्तानपुरी पर दांव खेलने का फैसला लिया है।