हिमाचल में उज्ज्वला योजना शुरू, खुलेंगी 50 गैस एजेंसियां
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हिमाचल में एक महीने के भीतर 50 नई गैस एजेंसियां खोली जाएंगी। इसके अलावा प्रदेश में दो नए बॉटलिंग प्लांट लगाए जाएंगे। केंद्रीय तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र प्रधान ने वीरवार को सोलन में यह एलान किया।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि नई एजेंसियों को ऐसे इलाकों में खोला जाएगा, जहां लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। गैस सिलेंडर मिलने में एक हफ्ते से ज्यादा का वक्त लग जाता है।
इन एजेंसियों के माध्यम से 500 युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। इसके अलावा दो नए बॉटलिंग प्लांट लगाए जाएंगे, जिनमें से एक पहाड़ी क्षेत्र में लगाया जाएगा। धर्मेंद्र प्रधान ने प्लांट के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जमीन भी मांगी।
योजना से होगी महिलाओं के स्वास्थ्य की रक्षा: नड्डा
प्रधान ने कहा कि हिमाचल में करीब 16 लाख घरों का सर्वे वर्ष 2011 में हुआ था। सर्वे में सामने आया कि प्रदेश में करीब 14 लाख रसोई गैस कनेक्शन हैं। लेकिन इस समय यहां जल रहे परिवारों की संख्या 18 से 20 लाख है। केंद्र सरकार हर घर में रसोई गैस से खाना बनते हुए देखना चाहती है ताकि महिलाओं को धुएं से होने वाली बीमारियों से राहत मिल सके।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से न सिर्फ महिलाओं के स्वास्थ्य की रक्षा होगी बल्कि इससे पेड़ों के कटने पर भी रोक लगेगी। हर साल करीब पांच लाख महिलाएं चूल्हे के धुएं से होने वाली दमा व श्वास की बीमारियों से काल का ग्रास बनती हैं। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को पूरे भारत में शुरू किया है।
केंद्र ने सिर्फ योजना का नाम बदला: वीरभद्र
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि राज्य में माता शबरी के नाम से पहले ही यह योजना चल रही है। केंद्र सरकार ने सिर्फ योजना का नाम बदला है। हिमाचल सरकार यहां के लोगों के हितों को देखते हुए उन्हें गैस कनेक्शन व अन्य सुविधाएं मुहैया करवा रही है।
वनों के संरक्षण के लिए वह जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, तब से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में सेब की पेटियों को पहली बार गत्ते से बनवाया था। इससे पूर्व सेब सीजन में सैकड़ों पेड़ पेटी बनाने के लिए काट दिए जाते थे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की इस योजना के लागू होने से राज्य की माता सबरी योजना को विस्तार मिलेगा और जो लोग गैस कनेक्शन से छूट गए हैं, उन्हें भी चूल्हा मिल जाएगा। इसलिए वह इस योजना का स्वागत करते हैं।