फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Pradhan Mantri Khanij Kshetra Kalyan Yojana In Himachal

खनन प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए ये कंपनियां देंगी पैसा

Sat, 31 Dec 2016 11:05 PM IST
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 31 Dec 2016 11:05 PM IST
विज्ञापन
Pradhan Mantri Khanij Kshetra Kalyan Yojana In Himachal

खनन प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए अब खनन करने वाली कंपनियों को पैसा चुकाना पड़ेगा। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत खनन कंपनियों प्रभावित क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए यह राशि व्यय की जाएगी। खास बात यह है कि योजना के लागू होने के बाद कंपनियों से वसूली गई रकम को सिर्फ प्रभावित पंचायत के 600 मीटर के दायरे में खर्च किया जाएगा। 

विज्ञापन


यह खर्च संबंधित जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी की निगरानी में होगा। योजना के तहत हर जिले में जिला मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट बनेंगे, जिनकी अध्यक्षता डिप्टी कमिश्नर करेंगे। वन, पीडब्ल्यूडी, आईपीएच, स्वास्थ्य, उद्योग, भू-विभाग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी इसके सदस्य होंगे। खनन अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। 
विज्ञापन


इन ट्रस्ट और संबंधित क्षेत्र में कार्यरत खनन कंपनी के बीच करार होगा। इसके बाद उन्हें रॉयल्टी पर निर्धारित फंड जमा कराना होगा। फिलहाल, प्रदेश में कार्यरत खनन कंपनियों और ट्रस्टों के  बीच बॉंड साइन करने का काम चल रहा है। इसके पूरा होते ही प्रदेश के खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए वहां के लोगों को सरकार या जिला प्रशासन का मुंह नहीं देखना पड़ा करेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कितना जमा कराना होगा फंड
करार होने के बाद मेजर मिनरल के लिए अगर किसी कंपनी को सरकार ने 12 जनवरी, 2015 से पहले लीज पर साइट दी होगी तो उस कंपनी को रॉयल्टी का 30 प्रतिशत बतौर मिनरल फाउंडेशन फंड चुकाना होगा। 12 जनवरी, 2015 के बाद लीज पर साइट लेने वाली

कंपनी को रॉयल्टी का दस प्रतिशत चुकाना होगा। माइनर मिनरल के लिए सामान्य मिट्टी, ईंट और छोटे पत्थर के लिए एक रुपये पर टन और इनके अलावा अन्य तरह के मिनरल के लिए दस रुपये प्रति टन के हिसाब से चुकाना पड़ेगा। समय पर फंड जमा न कराने पर कंपनी पर भारी जुर्माना लगेगा। 

600 मीटर के दायरे में ही खर्च होगी पूरी राशि
इस फंड को खनन प्रभावित क्षेत्र के 600 मीटर में ही खर्च किया जा सकेगा। इसमें भी 300 मीटर के सीधे तौर पर खनन साइट से प्रभावित क्षेत्र पर कम से कम पचास प्रतिशत राशि को खर्च करना अनिवार्य है। इसके अलावा तीस प्रतिशत राशि को परोक्ष रूप से


प्रभावित क्षेत्र पर खर्च किया जाएगा। दस प्रतिशत से ज्यादा राशि को प्रशासनिक कार्यों के लिए खर्च नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा दस प्रतिशत राशि को राष्ट्रीय बैंक के खाते में भविष्य में किसी आपदा या अन्य कार्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed