मेहमान परिंदों से पौंग गुलजार, पहली बार दुर्लभ प्रजाति के दो पक्षी पहुंचे
पौंग झील में इस बार लेसर व्हाइट फ्रंटेड गीज और ग्रेटर व्हाइट फ्रंट गीज नामक अति दुर्लभ प्रजाति के साइबेरियन पक्षी पहली बार पहुंचे हैं। डीएफओ डीएस डडवाल ने कहा कि इन दोनों पक्षियों की प्रजातियां लुप्त हो रही हैं, लेकिन पौंग झील में इनकी दस्तक इन प्रजातियों के पक्षियों की बढ़ोतरी की ओर इशारा कर रही है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पौंग झील में बड़ी संख्या में विदेशी पक्षी आए हैं।
इस साल पौंग झील में 114 प्रजातियों के 115701 विदेशी पक्षी पंजीकृत किए गए हैं, जबकि पिछले साल 103 प्रजातियों के 115229 प्रवासी पक्षी पंजीकृत किए गए थे। वन्य जीव प्राणी विभाग की गिनती में इस वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा 472 अधिक विदेशी पक्षी आए हैं, जबकि बार हैंडेड गीज में इस बार 68 प्रतिशत इजाफा हुआ है।
बार हैंडेड गीज इस साल 49,496 पंजीकृत किया गया था, जबकि पिछले साल की गणना में 29443 दर्ज किए गए थे। यह पक्षी इस झील को अधिक सुरक्षित मानते हुए अधिकांश तौर पर ट्रांस हिमालयन, तिब्बत सेंट्रल एशिया, रूस, साइबेरिया से लंबी उड़ान भर कर यहां आते हैं और गर्मियों के आरंभ तक यहां रहते हैं। वन्य प्राणी विभाग के पीसीसीएफ सविता ने कहा कि 30 और 31 जनवरी को 114 प्रजातियों के 115701 पक्षियों का पौंग झील में पंजीकरण किया गया।
पौंग झील में 60 प्रजातियों के 104032, 30 प्रजातियों के 10377 और 24 प्रजातियों के 1292 पक्षी दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि पूरे भारत मे 432 प्रजातियों के 35 प्रतिशत और हिमाचल में 75 प्रतिशत प्रवासी व स्थानीय पक्षी पौंग झील में विचरण करते हैं। इस बार पौंग झील में मुख्य प्रजातियों में बार हैंडेड गीज 49496, नार्दन पिंटेल 12881, एयूरशियन कूट10860, कॉमन टिल्स 7334, कॉमन पौचार्ड 3988, नॉर्दन शोवलर 2818, ग्रेट करमोनेन्ट 2121, एयूरशियन विजियन 1350 व रूडी शेल्डक 1028 दर्ज किए गए। जबकि दूसरी अन्य प्रजातियों में कॉमन शेल्डक 75, नॉर्दन लैप्विंग्स 32, कॉमन रिंग प्लोवर 20, पेड़ अवोकेट्स 9, ऑस्प्रेस 5, ब्लैक बेललिएड टर्न्स 5, कॉमन मेर्गन्सर्स 4, सारस क्रेन 2, एयूरशियन कर्लियुस 2, व्हाइट टेल्ड टर्न्स 5, वाटर पिपिट्स 1, लेसर व्हाइट फ्रंटेड गीज एक व बीफ बेललिएड पिपिट्स एक दर्ज किए गए। े के लिए आते हैं और फिर वापस लौट जाते हैं।