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पौंग बांध विस्थापितों को मिलेगा न्याय, सरकार ने उठाया बड़ा कदम
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:40 PM IST
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पौंग बांध विस्थापितों को प्लॉट दिलाने और उनकी समस्याओं को सुनने के लिए हर माह बीकानेर में कैंप लगाए जाएंगे। ये महीने के पहले सोमवार को लगाए जाएंगे। इसमें राजस्थान सरकार के अधिकारियों के अलावा हिमाचल सरकार के अफसर भी मौजूद होंगे।
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ये फैसला मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में वीरवार को लिया गया। इसमें राजस्थान सरकार के पांच मंत्रियों ने भाग लिया। मंत्रियों ने सीएम को आश्वस्त किया कि सितंबर महीने के अंत तक सभी मामलों को सुलझा दिया जाएगा।
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बैठक में यह निर्णय हुआ कि राजस्थान में भूमि आवंटन से संबंधित पौंग डैम विस्थापितों के लंबित मामलों की समीक्षा और आवंटन 30 सितंबर 2017 तक पूरा कर देंगे। हिमाचल सरकार राजस्थान सरकार को सभी जरूरी दस्तावेज देगी। हिमाचल सरकार के राहत एवं पुनर्वास उपायुक्त तमाम दस्तावेज देंगे।
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राजस्थान सरकार ने निर्णय लिया है कि बीकानेर में उपनिवेशण आयुक्त के कार्यालय में हर माह के प्रथम सोमवार को शेष बचे पौंग डैम विस्थापितों को भूमि आवंटित करने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। डीसी या उनकी ओर से आधिकारिक प्रतिनिधि शिविरों में जाकर भूमि आवंटन करेंगे।
राजस्थान उपनिवेशण नियम 1972 (राजस्थान कनाल कॉलोनी में पौंग डैम विस्थापितों को सरकारी भूमि का आवंटन) का नियम 4-ए उन विस्थापितों को भूमि के आवंटन में बाधाएं उत्पन्न करता है, जिन्होंने परिवार नियोजन नियमों का पालन नहीं किया है। हिमाचल सरकार की ओर से बताया गया कि राजस्थान सरकार अभी तक इस नियम को लागू करने के मामले में उदारवादी रही है, लेकिन कुछ मामलों में इस नियम के चलते भूमि आवंटन में बाधा उत्पन्न हो रही है।
राजस्थान सरकार ने ऐसे मामलों की पुन: समीक्षा करने और भविष्य में इन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने पर सहमति जाहिर की। राजस्थान सरकार नियमों में दिए 18 प्रतिशत ब्याज के प्रावधान पर भी विचार करेगी। सिंचाई सुविधा का अभाव, मालिकाना हक के चलते भूमि से अलगाव, भूमि की किस्त जमा करने में परेशानी जैसी अन्य समस्याओं पर भी विशेष रूप से विचार किया गया।
प्रधान सचिव राजस्व तथा राजस्थान सरकार के उपनिवेशण आयुक्त ने तीन माह की समयावधि में इन सभी समस्याओं का निवारण करने का आश्वासन दिया। बैठक में राजस्थान सरकार के गृह मंत्री गुलाब सिंह कटारिया, ग्रामीण विकास मंत्री राजेेंद्र सिंह राठौड़, जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप, राजस्व मंत्री अमराराम चौधरी और खनन मंत्री सुखपाल सिंह मौजूद रहे।
कोर्ट में चल रहे मामलों पर भी सहमति बनाएगी दोनों सरकारें
दोनों सरकारें उच्च न्यायालय में लंबित पड़े विभिन्न मामलों की स्थिति पर दोबारा सहमति बनाएंगी। बैठक में लिए गए निर्णय को ध्यान में रखते हुए एक संयुक्त शपथ पत्र जमा कराएंगी, जिससे इस तरह के सभी मामले निपटाए जा सकें। राजस्थान सरकार ने भूमि के आवंटन के लिए पर्याप्त भूमि चिन्हित कर ली है। यदि न्यायालय से आदेश हुए तो पात्र परिवारों को चिन्हित कर उन्हें अतिरिक्त भूमि आवंटित करने का भी प्रावधान करेगी।
1500 परिवारों में से 700 को चयनित हो चुके हैं प्लॉट
राजस्थान से पहुंची मंत्रियों की कमेटी ने हिमाचल सरकार को अवगत करवाया है कि पौंग बांध के करीब 1500 विस्थापित परिवारों में से 700 परिवारों के लिए प्लॉटों का चयन किया जा चुका है। इन्हें सिंचाईयुक्त जमीनें दी जा चुकी हैं। सूत्रों ने बताया कि इस टीम ने कहा है कि अब केवल करीब 800 परिवारोें की समस्या का समाधान करना ही शेष रहता है। जल्द इसका समाधान भी हो जाएगा।