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लोगों ने सब्जी और फूलों की खेती से लाई हरियाली

Mon, 07 Mar 2016 02:04 PM IST
विजय खाची/अमर उजाला, शिमला
विजय खाची/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 07 Mar 2016 02:04 PM IST
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polyhouse scheme in juberhatti area, shim
जुब्बड़हट्टी के किसानों ने सब्जी और फूलों की खेती से जीवन में हरियाली ला दी है। - फोटो : अमर उजाला

जुब्बड़हट्टी के किसानों ने सब्जी और फूलों की खेती से जीवन में हरियाली ला दी है। कम समय में ही पॉलीहाउस में आधुनिक तरीके से फूलों और सब्जियों की खेती कर किसानों ने नया मकाम हासिल किया है। जंगली जानवरों से खेती को बचाने की तरकीब ने जुब्बड़हट्टी के किसानों का भाग्य ही बदल दिया। महाकाली पुष्प एवं सब्जी उत्पादक सहकारी विपणन समिति जुब्बड़हट्टी के सदस्य पॉलीहाउस में फूलों और सब्जियों की फसल तैयार कर बेचने के लिए सीधे दिल्ली भेजते हैं।

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साल 2015 में समिति के सदस्यों ने केवल 25000 वर्ग मीटर की जगह में करीब एक करोड़ के फूल और सब्जियाें का उत्पादन किया है। लगभग आठ साल पहले 2009 में रजिस्टर्ड हुई समिति में शुरूआती दौर में कुल ग्यारह सदस्य थे। मौजूदा समय में 55 किसान शामिल हो गए हैं। समिति में 55 किसानों में से 15 किसान गरीबी रेखा से नीचे से थे। मगर अब पॉलीहाउस में खेती कर उन्हें घर में ही अच्छा आय का साधन मिल गया है।
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समिति के अध्यक्ष राम लाल ठाकुर ने बताया कि जंगली जानवरों की ओर से खेतों में ही फसल को बर्बाद करने से किसानों ने अपने खेतों में फसल की बिजाई करना कम कर दिया है, इससे जमीनें बंजर हो रही हैं और किसान रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए उन्होंने पॉलीहाउस में सब्जी का उत्पादन करना शुरू किया और धीरे धीरे सब्जी के साथ फूलों की खेती करनी भी शुरू कर दी, आज अच्छी आय के साथ अपने ही घर में रोजगार का साधन भी है।
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पुणे-बंगलूरू से आता है बीज
समिति के सदस्य खेतों में कारनेशन, गलैंड और लिलियम के फूल और साथ ही लाल और पीली शिमला मिर्च, बरोकली और बीज रहित खीरों का उत्पादन कर रहे हैं। फूलों का बीज समिति पुणे और बंगलूरू से मंगवाती है।

जंगली जानवरों से मिला छुटकारा
किसानों ने जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए पॉलीहाउस में खेती करनी शुरू की थी। समिति के सदस्यों का कहना है कि जिस तरह इंसान घरों में रहते हैं, उसी तरह पॉलीहाउस भी फूलों और सब्जियों के लिए एक घर की तरह है, जिसमें यह हर तरह के जानवरों से सुरक्षित हैं।


ढाई से तीन लाख की आय
समिति के सदस्य राम गोपाल ने बताया की वह अपने परिवार का गुजारा चलाने के लिए जगह-जगह जाकर दिहाड़ी करते थे। साल 2009 में उन्होंने 380 वर्ग मीटर में पॉलीहाउस का निर्माण किया। मौजूदा समय उसके 380 और 250 वर्ग मीटर में दो पॉलीहाउस हैं और हर साल ढाई से तीन लाख की फूलों और सब्जियों से कमाई हो जाती है।

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