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एसडीओ को हटाने के मामले पर गरमाई सियासत
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poltic on officer transferr in mc shimla
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भाजपा समर्थित पार्षदों की दो टूक; मंत्री का नाम लेकर न धमकाएं डिप्टी मेयर
क्रॉसर
डिप्टी मेयर ने किया था सहायक अभियंता का बचाव
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की पेयजल व्यवस्था संभाल रही कंपनी में सहायक अभियंता को पद से हटाने के मामले में अब नगर निगम में भी सियासत गरमा गई है। भाजपा के कई पार्षदों ने डिप्टी मेयर शैलेंद्र चौहान पर निशाना साधा है।
डिप्टी मेयर ने इस मामले में सहायक अभियंता का बचाव किया था। शैलेंद्र चौहान का कहना था कि एजीएम ने गलत तरीके से अभियंता को पद से हटाया है। इसकी शिकायत मंत्री से की जाएगी। डिप्टी मेयर के इस बयान पर अब भाजपा पार्षदों ने सवाल उठा दिए हैं। पार्षदों का कहना है कि डिप्टी मेयर मंत्री का नाम लेकर अधिकारियों को धमका रहे हैं। यदि इस मामले में कुछ करना ही था तो मेयर, आयुक्त या सदन में चर्चा करते।
छोटी-छोटी बातों के लिए मंत्री के पास जाने की जरूरत नहीं है। भाजपा पार्षद संजीव ठाकुर का कहना है कि किसी अभियंता को पद से हटाना या दूसरी जिम्मेदारी देना कंपनी का आंतरिक मामला है। यदि इस पर कुछ करना ही है तो मंत्री के पास जाने की जरूरत नहीं है। निगम आयुक्त या सदन में भी इस पर चर्चा हो सकती है। पार्षद सुनील धर ने कहा कि निगम को छोटे छोटे मसले खुद निपटाने चाहिए। मंत्री के पास विवाद ले जाने का कोई फायदा नहीं। कई और भाजपा पार्षद भी डिप्टी मेयर के बयान से नाखुश हैं।
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दो धड़ों में बंट चुके हैं पार्षद
सहायक अभियंता को पद से हटाने के विवाद पर नगर निगम के पार्षद दो धड़ों में बंट चुके हैं। ज्यादातर पार्षद कह रहे हैं कि उनके फोन सहायक अभियंता उठाते हैं। लेकिन पद से हटाने पर पार्षदों बंटे हैं। कई इसे कंपनी का मामला बता रहे हैं तो कुछ इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।
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डिप्टी मेयर ने किया था सहायक अभियंता का बचाव
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की पेयजल व्यवस्था संभाल रही कंपनी में सहायक अभियंता को पद से हटाने के मामले में अब नगर निगम में भी सियासत गरमा गई है। भाजपा के कई पार्षदों ने डिप्टी मेयर शैलेंद्र चौहान पर निशाना साधा है।
डिप्टी मेयर ने इस मामले में सहायक अभियंता का बचाव किया था। शैलेंद्र चौहान का कहना था कि एजीएम ने गलत तरीके से अभियंता को पद से हटाया है। इसकी शिकायत मंत्री से की जाएगी। डिप्टी मेयर के इस बयान पर अब भाजपा पार्षदों ने सवाल उठा दिए हैं। पार्षदों का कहना है कि डिप्टी मेयर मंत्री का नाम लेकर अधिकारियों को धमका रहे हैं। यदि इस मामले में कुछ करना ही था तो मेयर, आयुक्त या सदन में चर्चा करते।
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छोटी-छोटी बातों के लिए मंत्री के पास जाने की जरूरत नहीं है। भाजपा पार्षद संजीव ठाकुर का कहना है कि किसी अभियंता को पद से हटाना या दूसरी जिम्मेदारी देना कंपनी का आंतरिक मामला है। यदि इस पर कुछ करना ही है तो मंत्री के पास जाने की जरूरत नहीं है। निगम आयुक्त या सदन में भी इस पर चर्चा हो सकती है। पार्षद सुनील धर ने कहा कि निगम को छोटे छोटे मसले खुद निपटाने चाहिए। मंत्री के पास विवाद ले जाने का कोई फायदा नहीं। कई और भाजपा पार्षद भी डिप्टी मेयर के बयान से नाखुश हैं।
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दो धड़ों में बंट चुके हैं पार्षद
सहायक अभियंता को पद से हटाने के विवाद पर नगर निगम के पार्षद दो धड़ों में बंट चुके हैं। ज्यादातर पार्षद कह रहे हैं कि उनके फोन सहायक अभियंता उठाते हैं। लेकिन पद से हटाने पर पार्षदों बंटे हैं। कई इसे कंपनी का मामला बता रहे हैं तो कुछ इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।