बीबीएन में अफसरों के तबादलों को बनाई जाए नीति, सदन में उठी मांग
हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में सरकारी अफसरों और कर्मचारियों के तबादले करने के लिए अलग से नीति बनाने की मांग शुक्रवार को सदन में उठी। भाजपा विधायक परमजीत सिंह पम्मी और कांग्रेस विधायक लखविंद्र राणा की जगह सवाल पूछ रहे विधायक राजेंद्र राणा ने प्रश्नकाल के दौरान यह मामला उठाया। कहा कि बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में अधिकारी-कर्मचारी नौकरी करने में अधिक दिलचस्पी ले रहे हैं। बार-बार इनके तबादले यहां हो जाते हैं।
परमजीत पम्मी ने हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि ऐसे कर्मचारियों को इस क्षेत्र से बाहर भेजा जाए। ऐसे कर्मचारी व अधिकारी 6 माह में लौट आते हैं। पुलिस, एक्साइज और माइनिंग विभाग में ऐसे मामले अधिक हैं। विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि सरकार चाहे कोई भी हो, यह अफसर-कर्मी अपनी सेटिंग कर लेते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय-समय पर तबादले किए जाते हैं। ऐसे कर्मचारी व अधिकारी विधायकों से आग्रह करके दोबारा वहीं पहुंच जाते हैं। यदि सभी सदस्य एकमत हों जाएं तो तबादला नीति के बारे में विचार किया जा सकता है।
ठेकेदारों को काम देने की जगह अपनी मशीनें ले सरकार
माकपा विधायक राकेश सिंघा ने बर्फबारी के दौरान सड़कों को साफ करने का काम ठेकेदारों को देने की जगह सरकार से अपनी मशीनरी लेने की मांग उठाई। सिंघा ने कहा कि सर्दियों में प्रदेश के बर्फ से ढके क्षेत्रों में सड़क से बर्फ हटाने के लिए जेसीबी, बुलडोजर इस्तेमाल होता है। यह कार्य लोक निर्माण विभाग की ओर से ठेकेदारों को दिया जाता है। बंद सड़कों से बर्फ स्नो कटर से हटाई जाए। मुख्यमंत्री ने जवाब में कहा कि बड़ी संख्या में स्नो कटर खरीदना सरकार के लिए संभव नहीं है।