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Shimla News: पड़ोसी राज्यों में बैठे नशा तस्करों को जेल पहुंचाएगी पुलिस
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अमर उजाला इंपेक्ट...
पंजाब, हरियाणा और दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए पुलिस ने शुरू किया विशेष अभियान
हर मामले की जांच के बाद दबिश देकर पकड़ेगी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले में चिट्टा तस्करी की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए पुलिस अब दूसरे राज्यों में बैठे सरगनाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाएगी।
मिशन क्लीन अभियान के तहत जिला पुलिस ने नशा तस्करी के हर मामले की जांच के बाद दूसरे राज्यों में बैठकर नशा बेचने वालों पर कार्रवाई करने का फैसला लिया है। ऐसे मामलों की जांच के लिए पुलिस ने बाकायदा स्पेशल सेल की तीन यूनिटें तैनात की हैं। नशा तस्करी के ज्यादातर मामलों में सामने आया है कि चिट्टे का नशा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्यों से हिमाचल पहुंच रहा है। पुलिस भी मान रही है कि दूसरे राज्यों में बैठे सरगनाओं के खिलाफ कार्रवाई किए बगैर नशे की चेन तोड़ना मुमकिन नहीं है। हाल ही में ढली में दो युवकों से पकड़े चिट्टे के मामले में पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी पंजाब के बलाैंगी से नशा खरीदकर लाए थे। इसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बलौंगी में दबिश देकर सप्लायर को गिरफ्तार किया।
पुलिस मुख्य सप्लायर को पकड़ने के लिए भी लगातार संभावित क्षेत्रों में दबिश दे रही है। हरियाणा के कैथल, दिल्ली में बैठे सरगनाओं को पकड़ने के लिए पुलिस जल्द बड़ी कार्रवाई अमल में लाएगी। एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने बताया कि अभी तक 150 अंतरराज्यीय तस्कर पकड़े हैं। अब हर मामले में दूसरे राज्यों में बैठे मुख्य सप्लायरों को पकड़ा जाएगा।
एंटी नारकाेटिक्स फोर्स को दिए कार्रवाई करने के निर्देश
प्रदेश में चिट्टे की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए एंटी नारकोटिक्स फोर्स (एनटीएफ) भी सक्रिय हो गई है। स्टेट सीआईडी के मुखिया ने टास्क फोर्स को बड़े सप्लायरों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में सक्रिय अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोहों पर कार्रवाई करने के लिए कहा है, जिससे प्रदेश में नशा तस्करी पर अंकुश लगाया जा जा सके। इसके तहत हाल ही में एंटी नारकोटिक्स फोर्स ने अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोह के सरगना शाही महात्मा को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद मामले में 40 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। डीजीपी सीआईडी एसआर ओझा ने बताया कि एनटीएफ को बड़े नशा तस्करों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद प्रदेश में नशे की सप्लाई चेन को तोड़ना है।
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नशामुक्ति केंद्रों की डॉक्टर करेंगे निगरानी
जिले के 14 नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल मरीजों की सरकारी मनोरोग चिकित्सक निगरानी करेंगे। इसमें उनको नशा छोड़ने के लिए दी जाने वाली दवाइयों समेत उनकी केस स्टडी पर काम होगा। इससे पूर्व नशा मुक्ति केंद्रों में ऑन कॉल निजी चिकित्सक को बुलाया जाता था लेकिन इसको लेकर संशय रहता था निजी नशा मुक्ति केंद्र निजी डॉक्टर को नियमित रूप से मरीजों की जांच के लिए बुलाते हैं या नहीं। ऐसे में नशे के आदी युवाओं को प्रभावी तरीके से नशा छोड़ने में मदद करने के लिए सरकारी मनोरोग विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। एडीसी अभिषेक वर्मा ने बताया कि जिले के सभी नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण करने के बाद सरकारी चिकित्सकों को महीने में एक दिन केंद्रों का दौरा करके मरीजों की जांच करने की व्यवस्था बनाई जा रही है।
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पंजाब, हरियाणा और दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए पुलिस ने शुरू किया विशेष अभियान
हर मामले की जांच के बाद दबिश देकर पकड़ेगी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले में चिट्टा तस्करी की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए पुलिस अब दूसरे राज्यों में बैठे सरगनाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाएगी।
मिशन क्लीन अभियान के तहत जिला पुलिस ने नशा तस्करी के हर मामले की जांच के बाद दूसरे राज्यों में बैठकर नशा बेचने वालों पर कार्रवाई करने का फैसला लिया है। ऐसे मामलों की जांच के लिए पुलिस ने बाकायदा स्पेशल सेल की तीन यूनिटें तैनात की हैं। नशा तस्करी के ज्यादातर मामलों में सामने आया है कि चिट्टे का नशा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्यों से हिमाचल पहुंच रहा है। पुलिस भी मान रही है कि दूसरे राज्यों में बैठे सरगनाओं के खिलाफ कार्रवाई किए बगैर नशे की चेन तोड़ना मुमकिन नहीं है। हाल ही में ढली में दो युवकों से पकड़े चिट्टे के मामले में पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी पंजाब के बलाैंगी से नशा खरीदकर लाए थे। इसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बलौंगी में दबिश देकर सप्लायर को गिरफ्तार किया।
पुलिस मुख्य सप्लायर को पकड़ने के लिए भी लगातार संभावित क्षेत्रों में दबिश दे रही है। हरियाणा के कैथल, दिल्ली में बैठे सरगनाओं को पकड़ने के लिए पुलिस जल्द बड़ी कार्रवाई अमल में लाएगी। एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने बताया कि अभी तक 150 अंतरराज्यीय तस्कर पकड़े हैं। अब हर मामले में दूसरे राज्यों में बैठे मुख्य सप्लायरों को पकड़ा जाएगा।
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एंटी नारकाेटिक्स फोर्स को दिए कार्रवाई करने के निर्देश
प्रदेश में चिट्टे की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए एंटी नारकोटिक्स फोर्स (एनटीएफ) भी सक्रिय हो गई है। स्टेट सीआईडी के मुखिया ने टास्क फोर्स को बड़े सप्लायरों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में सक्रिय अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोहों पर कार्रवाई करने के लिए कहा है, जिससे प्रदेश में नशा तस्करी पर अंकुश लगाया जा जा सके। इसके तहत हाल ही में एंटी नारकोटिक्स फोर्स ने अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोह के सरगना शाही महात्मा को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद मामले में 40 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। डीजीपी सीआईडी एसआर ओझा ने बताया कि एनटीएफ को बड़े नशा तस्करों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद प्रदेश में नशे की सप्लाई चेन को तोड़ना है।
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नशामुक्ति केंद्रों की डॉक्टर करेंगे निगरानी
जिले के 14 नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल मरीजों की सरकारी मनोरोग चिकित्सक निगरानी करेंगे। इसमें उनको नशा छोड़ने के लिए दी जाने वाली दवाइयों समेत उनकी केस स्टडी पर काम होगा। इससे पूर्व नशा मुक्ति केंद्रों में ऑन कॉल निजी चिकित्सक को बुलाया जाता था लेकिन इसको लेकर संशय रहता था निजी नशा मुक्ति केंद्र निजी डॉक्टर को नियमित रूप से मरीजों की जांच के लिए बुलाते हैं या नहीं। ऐसे में नशे के आदी युवाओं को प्रभावी तरीके से नशा छोड़ने में मदद करने के लिए सरकारी मनोरोग विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। एडीसी अभिषेक वर्मा ने बताया कि जिले के सभी नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण करने के बाद सरकारी चिकित्सकों को महीने में एक दिन केंद्रों का दौरा करके मरीजों की जांच करने की व्यवस्था बनाई जा रही है।