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बदलाव: गलत खाते में नहीं जाएगा सरकारी योजनाओं का पैसा, एसएनए स्पर्श में नई व्यवस्था लागू; जानें विस्तार से

Tue, 15 Sep 2026 10:31 AM IST
Ankesh Dogra अनिमेष कौशल, शिमला।
अनिमेष कौशल, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Tue, 15 Sep 2026 10:31 AM IST
सार

सरकारी योजनाओं का पैसा गलत बैंक खाते में मैप होकर भटकने से रोकने के लिए एसएनए स्पर्श में नई व्यवस्था लागू की गई है। अब गलत राज्य सरकार अकाउंट की मैपिंग मिलने पर उसे डीएक्टिवेट किया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर पहले से मंजूर स्कीम कॉन्फिगरेशन को रिजेक्ट करने का भी प्रावधान है। नई योजनाओं में डीबीटी और थर्ड पार्टी फंडिंग की जानकारी देना अनिवार्य होगा। थर्ड पार्टी फंडिंग होने पर उसके प्रतिशत योगदान का विवरण भी दर्ज करना होगा।

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government scheme money wrong account mapping deactivated sna sparsh new system
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

सरकारी योजनाओं का पैसा अब गलत खाते में मैप होकर भटक नहीं सकेगा। योजनाओं के फंड फ्लो में गड़बड़ी और खाते की गलत मैपिंग पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने एसएनए स्पर्श में नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब किसी योजना के लिए गलत राज्य सरकार अकाउंट मैप होने पर उसे डीएक्टिवेट किया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर पहले से मंजूर स्कीम कॉन्फिगरेशन को रिजेक्ट करने का भी प्रावधान किया गया है। हिमाचल सरकार ने भी इस नई व्यवस्था को लेकर सभी प्रशासनिक सचिवों को पत्र जारी कर दिया है।

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केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के महालेखा नियंत्रक कार्यालय ने इस संबंध में नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया है। इसमें स्टेट स्कीम मैनेजर (एसएसएम) और पीडी चैकर की जिम्मेदारियों के साथ पूरी प्रक्रिया तय की गई है। नई व्यवस्था का मकसद योजनाओं के पैसे के प्रवाह, भुगतान और बैंक खाते की मैपिंग में होने वाली गलतियों को कम करना है। एसएनए स्पर्श में अब किसी नई योजना का कॉन्फिगरेशन करते समय यह स्पष्ट करना अनिवार्य होगा कि उसमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) लागू है या नहीं। साथ ही यह भी बताना होगा कि योजना में थर्ड पार्टी फंडिंग है या नहीं। यदि थर्ड पार्टी फंडिंग है तो उसका प्रतिशत योगदान भी दर्ज करना होगा।
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नई व्यवस्था केवल नई योजनाओं तक सीमित नहीं रहेगी। पहले से मंजूर योजनाओं में भी एसएसएम को नए जोड़े गए डीबीटी और थर्ड पार्टी फंडिंग वाले फील्ड में जानकारी अपडेट करनी होगी। इसके लिए पीडी चैकर से दोबारा मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। जानकारी अपडेट होने के बाद योजना का स्टेटस अप्रूवड ही रहेगा। हालांकि, पुरानी मंजूर योजना की अन्य जानकारियों में इस प्रक्रिया के तहत बदलाव नहीं किया जा सकेगा। अपडेट की सुविधा केवल डीबीटी और थर्ड पार्टी फंडिंग से जुड़े नए विवरणों तक सीमित होगी।

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गलत अकाउंट मैपिंग मिली तो सीधे डी-एक्टिवेट
एसओपी में सबसे अहम प्रावधान राज्य सरकार के खाते की मैपिंग को लेकर है। यदि किसी योजना में स्वीकृत राज्य सरकार अकाउंट की मैपिंग गलत पाई जाती है, तो संबंधित मैपिंग को डी-एक्टिवेट किया जा सकेगा। इसी तरह आवश्यक होने पर पहले से मंजूर स्कीम कॉन्फिगरेशन को रिजेक्ट करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकेगी। इससे योजना के लिए स्वीकृत खाते, फंडिंग पैटर्न और भुगतान व्यवस्था का रिकॉर्ड ज्यादा स्पष्ट रहेगा। खासकर डीबीटी वाली योजनाओं में लाभार्थियों तक पैसा पहुंचाने की प्रक्रिया में गलत मैपिंग की आशंका कम होगी।

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