फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Poet Agnishekher raised question on Modi veiw for karmiri pandit

अाखिर कश्मीरी पंडितों पर ही क्यों चुप रहे मोदी?

Thu, 15 May 2014 11:32 PM IST
Updated Thu, 15 May 2014 11:32 PM IST
विज्ञापन
Poet Agnishekher raised question on Modi veiw for karmiri pandit

कश्मीरी विस्थापितों की लड़ाई लड़ने वाले और खुद विस्थापित होने का दंश झेल चुके मशहूर कवि अग्निशेखर ने कहा कि नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव में शुरू में ही जब जम्मू आए तो कश्मीरी पंडितों को आशा थी कि वे हमारे बारे में कुछ बोलेंगे।

विज्ञापन


हमारी बात करेंगे। बातें हुईं कि इतिहास रचा मोदी की इस रैली ने। मोदी-भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार.. सबके बारे में बोले। वहां जम्मू में जो शरणार्थी पाकिस्तान से आया हुआ है, उसके बारे में बात की।
विज्ञापन


पीओके के रिफ्यूजी, लद्दाखियों के बारे में बोले। कारगिल के शिया समुदाय के लोगों के बारे में बोले। गुज्जर-बकरवालों पर बोले, विकास पर बोले, अगर वह किसी बात पर नहीं बोले तो कश्मीरी पंडितों पर नहीं बोले। उनकी पीड़ा पर नहीं बोले।

विज्ञापन
विज्ञापन

मोदी लहर से नहीं, विकल्पहीतना से जीतेंगे

Poet Agnishekher raised question on Modi veiw for karmiri pandit

मशहूर हिंदी कवि अग्निशेखर ने शिमला में मंगलवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि यह कश्मीरी पंडितों के लिए मोहभंग की सूचना है। क्योंकि हर राजनीति के अपने पैंतरे होते हैं।

जिस देश में यही तय नहीं है कि ये जो माइनॉरिटी है ये किसी प्रदेश में मेजोरिटी है, उसका क्या हो सकता है। कांग्रेस और भाजपा की नीतियों में कोई अंतर नहीं है। मेरे लिए हर पार्टी के भेद मिट गए हैं।

जिस दौर में हम गुजर रहे हैं, अगर मोदी आते भी हैं तो भी नहीं लगता है कि वह मोदी का जादू होगा। यह विकल्पहीनता की स्थिति होगी। बेरोजगारी, भ्रष्टाचार के खिलाफ युवा वर्ग का वोट होगा।

मशहूर कवि ने खड़े किए कई बड़े सवाल

Poet Agnishekher raised question on Modi veiw for karmiri pandit

इस मशहूर कवि ने कहा कि मेरा सवाल ये है कि क्या बुद्धिजीवी वो भूमिका निभा रहा है, जो उसे निभानी चाहिए। क्या वह निर्लिप्त और स्वतंत्र चेता होकर बात कर रहा है या अपना पक्ष पहले से ही तय कर रहा है।

इस बीच दो पक्ष खूब छाये रहे। एक पक्ष व्यक्ति विशेष या पार्टी के साथ रहा या उसके विरोध में रहा। जैसे मोदी के पक्ष में या उनके खिलाफ। मैं कई बार मोदी विरोध को भी प्रश्न से प्रश्नांकित करता हूं।

क्या आप दूसरे मौके पर जब मोदी को सांप्रदायिकता के रूप में देखते हैं। दूसरा पक्ष भी देखते हैं। मुझे भारतीय बुद्धिजीवियों के एक बडे़ वर्ग के छद्म पर अफसोस है।

कोई कश्मीरी पंडितों की नहीं सोचता

Poet Agnishekher raised question on Modi veiw for karmiri pandit

इस मश्‍ाहूर क‌व‌ि ने कहा ‌कि मैं अपनी बात को ऐसे स्पष्ट करता हूं - कश्मीर से सांप्रदायिकता के आधार पर धार्मिक उमभनाद और जेहाद के नाम पर एक धर्म विशेष लोगों को मार-मारकर बाहर किया गया। यह 1990 में हुआ।

तबसे लेकर आज तक लगातार चल रहा है। लाखों कश्मीरी हिंदुओं को बाहर किया गया। यहां भारत की धर्मनिरपेक्षता की धज्जियां उड़ाई गईं। कोई बुद्धिजीवी बोला नहीं, क्यों?

कश्मीरी पंडितों को अपने पुरखों का घर चाहिए। उसे कोई नहीं दिला रहा। अग्निशेखर इन दिनों शिमला आए हुए हैं। हाल ही में वे जम्मू-कश्मीर अकादमी का पुरस्कार लौटाने को लेकर चर्चा में हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed