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पीएम ने सराही राज्यपाल की शून्य लागत प्राकृतिक कृषि योजना
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Updated Wed, 25 Apr 2018 01:13 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश के मंडला में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के शुभारंभ पर देश के किसानों से शून्य लागत प्राकृतिक कृषि को अपनाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने शून्य लागत प्राकृतिक कृषि के प्रसार व अपनाने के लिए हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत की सराहना भी की।
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राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्रधानमंत्री द्वारा शून्य लागत कृषि की दिशा में उनके प्रयासों की सराहना करने के लिए आभार व्यक्त किया है। राज्यपाल ने कहा कि उनकी ये कृषि पद्धति जहां किसानों की आय को दोगुना करेगी, वहीं जमीन की उर्वरा शक्ति को भी बढ़ाएगी।
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राज्यपाल ने प्रधानमंत्री द्वारा प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हिमाचल में इस दिशा में व्यापक प्रयास हो रहे हैं और शीघ्र ही राज्य को शून्य लागत प्राकृतिक कृषि राज्य बनाया जाएगा।
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उधर, प्रदेश में इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रदेश सरकार ने एचएएस अधिकारी नरेश ठाकुर को शून्य लागत प्राकृतिक खेती योजना का राज्य परियोजना निदेशक नियुक्त किया है।
इसको लेकर जल्द ही कृषि निदेशालय में एक अलग से निदेशालय भी स्थापित किया जाएगा। इस निदेशालय के तहत योजना का प्रदेश में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
शून्य लागत प्राकृतिक खेती योजना राज्यपाल आचार्य देवव्रत की प्राथमिकताओं में है। बताया जा रहा है कि शून्य लागत प्राकृतिक खेती से किसान की आय दोगुनी हो सकती है। पालमपुर विवि में इसका तुलनात्मक अध्ययन हुआ है।
पाया गया है कि प्राकृतिक खेती में ज्यादा उत्पादन हुआ है जबकि रसायनिक इस्तेमाल में कम उत्पादन हुआ। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक एक गाय से 30 एकड़ में प्राकृतिक खेती की जा सकती है। गाय का दस किलो गोबर और सात लीटर गो मूत्र एक एकड़ में खेती को पर्याप्त है।