पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य योजनाओं के लाभार्थियों से की सीधी बात
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पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य योजनाओं के लाभार्थियों से सीधी बात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की है कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में सम्मिलित होकर इनका लाभ उठाया जाए और लोगों को भी इसके लिए जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी जीवनशैली में सुधार लाकर स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। मोदी ने वीरवार को देश भर में स्वास्थ्य योजनाओं के लाभार्थियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की।
हालांकि, हिमाचल के लाभार्थियों का इसमें नंबर नहीं लग पाया। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से लोगों के लिए आयुष्मान भारत योजना के लाभ भी बताए। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के सौजन्य से देश भर में विभिन्न स्थानों पर आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में शिमला भी शामिल रहा।
इसके माध्यम से शिमला में जन औषधि योजना, घुटना प्रत्यारोपण, डायलिसिस और स्टेंट इंप्लांटेशन के लाभार्थियों से मोदी ने बातचीत की। वीडियो कांफ्रेंसिंग से हिमाचल सरकार की ओर से अतिरिक्त जन औषधि केंद्रों के प्रतिनिधि, घुटना प्रत्यारोपण, डायलिसिस और स्टेंट इंप्लांटेशन के लाभार्थी भी उपस्थित रहे।
वीडियो कांफ्रेंसिंग से पीएम मोदी ने गिनाईं योजनाएं
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण बीके अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रदेश के मधुमेह, रक्तचाप, घुटना प्रत्यारोपण तथा हृदय रोग में स्टेंट इंप्लांटेशन के लाभार्थियों से वार्तालाप किया।
उनसे जन औषधि योजना के तहत प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। जन औषधि योजना के नोडल अधिकारी रोहित शर्मा ने बोले कि इससे लाभार्थी काफी उत्साहित रहे।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि चिकित्सक समुदाय समर्पित भाव से पीड़ित मानवता की मदद करना चाहते हैं, मगर ऑपरेशन के अधिक खर्च के कारण ऐसा करना संभव नहीं हो पा रहा था, इसलिए केंद्र सरकार ने घुटनों के प्रत्यारोपण का खर्च 70 प्रतिशत, हृदय रोग में स्टंट इंप्लांटेशन
का खर्च 50 से लेकर 70 प्रतिशत तक और दवाइयों का खर्च 70 से लेकर 80 प्रतिशत तक कम किया है। मोदी ने कहा है कि सरकार ने देश में 92 मेडिकल कॉलेज खोले। रोजगार के अवसर भी प्रदान किए।
आयुष्मान भारत के तहत 10 करोड़ परिवार अर्थात 50 करोड़ लोग पांच लाख का वार्षिक बीमा पा सकेंगे। योजना के तहत 1.5 लाख स्वास्थ्य कल्याण केंद्र भी खोले जाएंगे। हर माह नौ तारीख को प्रसूता माताओं की निशुल्क जांच भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त होने का लक्ष्य रखा गया है तथा मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत बच्चों और महिलाओं को 12 प्रकार की बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण किया जा रहा है।