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'हाशिए जिंदगी के', से दर्शाए रिश्तों के बदलते मायने
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 14 Jun 2014 10:38 AM IST
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ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में भाषा एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से एकजुट थियेटर ग्रुप मुंबई द्वारा पेश किए जा रहे नाटकों की कड़ी में शुक्रवार को हाशिए जिंदगी के नाटक का मंचन किया गया।
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देर शाम मंचित इस नाटक में बदलते समय और बदलते मूल्यों के साथ ही संबंधों में आ रहे बदलाव को दर्शाया गया। इसमें शहर भर से काफी लोगों ने हिस्सा लिया। सभी ने नाटक की खूब सराहना भी की।
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नादिरा जहीर बब्बर के निर्देशन में तैयार नाटक फुटनोट आफ लाइफ, हाशिए जिंदगी नाटक में कलाकार हानिफ पाटनी, अंकुर पारिख, मिथलेश सिंह, देवेश किमर, संगम शुक्ला, नेहा शेख, गुंजन त्यागी, मनदीप कौर और साथी कलाकारों ने अदाकारी की।
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नाटक में बताया गया कि किस तरह से बदलते समय के साथ जिंदगी के मायने बदल जाते हैं। इसमें युवाओं की उम्मीदों, शहरी विवाह, प्रौड़ की युवाओं से उम्मीदों को कलाकारों ने दर्शाने का प्रयास किया है।
चार उपाख्यानों में पेश किए इस नाटक में जिंदगी के खट्टे मीठे अनुभवों को दर्शाया है। दूसरे रोज विशेष सचिव भाषा एवं संस्कृति और वित्त केआर भारती बतौर मुख्यातिथि शरीक हुए।
निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग अरुण शर्मा सहित कई गणमान्य लोगों ने भी पूरे नाटक को देखने का आनंद लिया। मुख्यातिथि ने नाटक में जिस तरह से मानवीय मूल्यों में आ रहे बदलावों और रिश्तों पर पड़ रहे प्रभावों को दर्शाया।