{"_id":"624b0f4a57a969578213faa6","slug":"pk-dhumal-said-that-like-uttarakhand-there-should-be-an-investigation-into-the-loss-of-the-cm-s-election-in-himachal","type":"story","status":"publish","title_hn":"हमीरपुर: धूमल बोले- उत्तराखंड की तरह हिमाचल में भी मुख्यमंत्री के चुनाव हारने की हो जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हमीरपुर: धूमल बोले- उत्तराखंड की तरह हिमाचल में भी मुख्यमंत्री के चुनाव हारने की हो जांच
Mon, 04 Apr 2022 09:01 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 04 Apr 2022 09:01 PM IST
सार
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि उत्तराखंड की तरह हिमाचल में भी सीएम प्रत्याशी के हारने की जांच होनी चाहिए। सोमवार को एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में धूमल ने कहा कि वह पार्टी के एक कार्यकर्ता हैं।
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री और बीते विधानसभा चुनाव में सीएम प्रत्याशी रहे प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि उत्तराखंड की तरह हिमाचल में भी सीएम प्रत्याशी के हारने की जांच होनी चाहिए। सोमवार को एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में धूमल ने कहा कि वह पार्टी के एक कार्यकर्ता हैं। पूर्व में मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जिस भी रूप में जिम्मेदारी मिली, उसे बखूबी निभाया। सुनने में आया है कि उत्तराखंड में अगर षड्यंत्र रचने वालों का पता चल गया तो हिमाचल में भी पता चलना चाहिए। चुनाव में हार के कारणों की जांच होनी चाहिए। धूमल ने कहा कि वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। पार्टी जहां से चाहेगी, वहां से चुनाव लड़ेंगे।
विज्ञापन
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दावे के बाद हिमाचल से भी चंडीगढ़ में हिस्सेदारी को लेकर आवाज उठने पर धूमल ने कहा कि चंडीगढ़ में हिमाचल का भी हक है। यह हक मिलना चाहिए। पंजाब के पुनर्गठन के बाद हरियाणा नया राज्य बना। हिमाचल ने भी देनदारी दी है। परिसंपत्तियों पर हिमाचल का भी हक है। हिमाचल की सात फीसदी से अधिक की हिस्सेदारी है। सर्वोच्च न्यायालय से सितंबर 2012 में हिमाचल के पक्ष में हिस्सेदारी को लेकर फैसला भी आ चुका है।
विज्ञापन
कांग्रेस इस फैसले को लागू नहीं करवा पाई। आम आदमी पार्टी के बारे में धूमल ने कहा कि लोगों में इस तरह की दौड़ है कि अगर वह पहले जाएंगे तो टिकट उन्हें मिलेगा। टिकट वितरण चुनाव के समय ही तय होगा। पंजाब में आप ने मुफ्त बिजली, पानी और जनता को एक हजार रुपये भत्ता के प्रलोभन दिए। अगर दे सकते थे तो पंजाब के मुख्यमंत्री क्यों प्रधानमंत्री से 50 हजार करोड़ मांगने चले गए। देश में मुफ्तखोरी की आदत नहीं बढ़नी चाहिए। हां, जरूरी सुविधाएं सभी लोगों को जरूर मिलनी चाहिए।
विज्ञापन