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Shimla News: बसों-ट्रकों पर लगी डीजल की लिमिट, अब एक बार में सिर्फ 200 लीटर ही मिलेगा
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नए निर्देश लागू होने पर बड़े वाहनों की पूरी टंकी भरवाने पर लगी रोक
दावा : कालाबाजारी और संभावित कमी रोकने के लिए उठाया कदम
शहर में 106 से अधिक निजी और 250 से अधिक सरकारी बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में बसों-ट्रकों पर डीजल की लिमिट लग गई है। ऐसे में एक बार में सिर्फ बसों व ट्रकों में 200 लीटर पेट्रोल भरा जा सकेगा। शहर में रविवार से यह व्यवस्था पूरी तरह लागू हो गई है। लिहाजा नए निर्देशों के बाद अब बड़े वाहन यानि की बसों व ट्रक चालकों को इस दौरान परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि बताया जा रहा है कि कालाबाजारी और डीजल की संभावित कमी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
शहर में रोजाना 106 निजी और 250 से अधिक सरकारी बसें और सैकड़ों की तादाद में ट्रक चलते हैं। वहीं डीजल खत्म होने या कम होने पर यह सभी बसें व ट्रक विकासनगर, मल्याणा, ढली, संजौली, ताराहॉल, शोघी, बैरियल और हीरानगर समेत आसपास के पेट्रोल पंपों पर डीजल भरवाते हैं लेकिन नए निर्देशों के बाद तेल कंपनियों ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत अब बसों, ट्रकों और अन्य बड़े व्यावसायिक वाहनों को एक बार में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार अधिकांश बड़े वाहनों में 160 लीटर से लेकर 300 लीटर या इससे अधिक क्षमता की डीजल टंकियां लगी होती हैं। लंबी दूरी तय करने वाले कई ट्रक और मालवाहक वाहन एक बार में पूरी टंकी भरवाते थे, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत अब उन्हें निर्धारित सीमा के भीतर ही डीजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह फैसला आम उपभोक्ताओं को ईंधन की सुचारु रूप से मिल सके और किसी तरह की कालाबाजारी या जमाखोरी न हो सके इसलिए भी लिया गया है।
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नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंपों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी वाहन को निर्धारित सीमा से अधिक डीजल न दिया जाए। तेल कंपनियां डिजिटल मॉनिटरिंग के माध्यम से बिक्री पर नजर रख रही हैं। उधर, विकासनगर पेट्रोल पंप के प्रबंधक संजू ने बताया कि सरकार से आए निर्देशों के बाद शनिवार से ही बड़े वाहनों में 200 लीटर डीजल दिया जा रहा है। आगामी निर्देशों तक यह व्यवस्था जारी रहेगी।
इनसेट
लंबी दूरी के वाहनों को कई बार भरवाना पड़ रहा डीजल
परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि लंबी दूरी के वाहनों को कई बार डीजल भरवाना पड़ रहा है। इससे कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई पेट्रोल पंपों पर जगह की भारी कमी होती है, ऐसे में टूरिस्टों को लेकर आईं बसें या फिर सब्जियां लेकर दिल्ली के रवाना हुए ट्रक चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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दावा : कालाबाजारी और संभावित कमी रोकने के लिए उठाया कदम
शहर में 106 से अधिक निजी और 250 से अधिक सरकारी बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में बसों-ट्रकों पर डीजल की लिमिट लग गई है। ऐसे में एक बार में सिर्फ बसों व ट्रकों में 200 लीटर पेट्रोल भरा जा सकेगा। शहर में रविवार से यह व्यवस्था पूरी तरह लागू हो गई है। लिहाजा नए निर्देशों के बाद अब बड़े वाहन यानि की बसों व ट्रक चालकों को इस दौरान परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि बताया जा रहा है कि कालाबाजारी और डीजल की संभावित कमी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
शहर में रोजाना 106 निजी और 250 से अधिक सरकारी बसें और सैकड़ों की तादाद में ट्रक चलते हैं। वहीं डीजल खत्म होने या कम होने पर यह सभी बसें व ट्रक विकासनगर, मल्याणा, ढली, संजौली, ताराहॉल, शोघी, बैरियल और हीरानगर समेत आसपास के पेट्रोल पंपों पर डीजल भरवाते हैं लेकिन नए निर्देशों के बाद तेल कंपनियों ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत अब बसों, ट्रकों और अन्य बड़े व्यावसायिक वाहनों को एक बार में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही दिया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार अधिकांश बड़े वाहनों में 160 लीटर से लेकर 300 लीटर या इससे अधिक क्षमता की डीजल टंकियां लगी होती हैं। लंबी दूरी तय करने वाले कई ट्रक और मालवाहक वाहन एक बार में पूरी टंकी भरवाते थे, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत अब उन्हें निर्धारित सीमा के भीतर ही डीजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह फैसला आम उपभोक्ताओं को ईंधन की सुचारु रूप से मिल सके और किसी तरह की कालाबाजारी या जमाखोरी न हो सके इसलिए भी लिया गया है।
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नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंपों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी वाहन को निर्धारित सीमा से अधिक डीजल न दिया जाए। तेल कंपनियां डिजिटल मॉनिटरिंग के माध्यम से बिक्री पर नजर रख रही हैं। उधर, विकासनगर पेट्रोल पंप के प्रबंधक संजू ने बताया कि सरकार से आए निर्देशों के बाद शनिवार से ही बड़े वाहनों में 200 लीटर डीजल दिया जा रहा है। आगामी निर्देशों तक यह व्यवस्था जारी रहेगी।
इनसेट
लंबी दूरी के वाहनों को कई बार भरवाना पड़ रहा डीजल
परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि लंबी दूरी के वाहनों को कई बार डीजल भरवाना पड़ रहा है। इससे कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई पेट्रोल पंपों पर जगह की भारी कमी होती है, ऐसे में टूरिस्टों को लेकर आईं बसें या फिर सब्जियां लेकर दिल्ली के रवाना हुए ट्रक चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।