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Shimla News: पंथाघाटी के शिव मंदिर के पास भूस्खलन, एनएच को खतरा
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फ्रेंड्स कॉलोनी और नीचे बने घरों पर भी पत्थर गिरने की आशंका, बारिश होने पर मकानों को हो सकता है नुकसान
लोगों ने निर्माण कार्य तुरंत बंद करवाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम के पंथाघाटी वार्ड में शिव मंदिर के पास वीरवार सुबह भारी भूस्खलन हुआ। इससे एनएच किनारे बना पैदल मार्ग करीब 50 मीटर तक ढह गया। इस भूस्खलन के बाद नीचे की ओर बने मकानों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के भी ढहने का खतरा पैदा हो गया है। सुबह करीब साढ़े तीन से पौने चार बजे के बीच हुए इस भूस्खलन के बाद से नीचे की ओर बनी फ्रेंड्स कॉलोनी में रह रहे लोग भय के साए में जी रहे हैं। भूस्खलन से ढहा डंगा और उसके पत्थर अधर में अटके हुए हैं। तेज बारिश होने पर ये नीचे की ओर लुढ़ककर रिहायशी मकानों और उनमें रह रहे लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
भूस्खलन वाले स्थान से नीचे की ओर बनी फ्रेंड्स कॉलोनी में रहने वाली जुना रॉय चौधरी, सावित्री जोशी, दीपांकर शर्मा और कुशल ठाकुर ने कहा कि इस भूस्खलन के बाद पैदल रास्ता ढह गया है। एनएच सड़क के भी ढहने का खतरा बढ़ गया है। बारिश होने पर भूस्खलन का मलबा कभी भी उनके घरों और नीचे की ओर बस्ती में बने मकानों को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी यहां भूस्खलन हुआ था, जिसमें रास्ता टूट गया था। यहां दोबारा भूस्खलन होने की संभावना बनी हुई है। इसलिए जल निकासी की व्यवस्था को सुधारा जाए, ताकि आगे और भूस्खलन न हो।
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स्थानीय पार्षद कुसुम ठाकुर ने मौके का दौरा किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग और प्रशासन से मांग की है कि भूस्खलन के बाद घरों पर मंडराए संकट को कम करने के लिए आवश्यक कार्य किए जाएं, ताकि किसी तरह की जानमाल की हानि न हो। उन्होंने कहा कि इस स्थान पर सड़क से नीचे की ओर किए जा रहे निर्माण कार्य पर बरसात समाप्त होने तक रोक लगाई जाए। नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर राकेश शर्मा ने कहा कि बरसात के इस मौसम में और भूस्खलन होने की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए यहां चल रहे निर्माण कार्य को रोका जाना चाहिए।
रिहायशी मकानों को खतरा नहीं
एसडीएम सन्नी शर्मा ने बताया कि भूस्खलन की घटना के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए टीम भेजी गई थी। फिलहाल रिहायशी मकानों को कोई खतरा नहीं लग रहा है। इसके बावजूद स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अधिक बारिश होने पर होने पर हो सकता है खतरा
लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग के सहायक अभियंता नेत्र प्रकाश और कनिष्ठ अभियंता राकेश कुमार ने कहा कि भूस्खलन के कारण पैदल रास्ता धंस गया है। एनएच को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। अधिक बारिश होने पर खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन का कारण वहां हो रहा निजी भवन निर्माण है। इस मामले में मकान मालिक के खिलाफ विंग की ओर से कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। असुरक्षित क्षेत्र को सील कर दिया गया है।
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लोगों ने निर्माण कार्य तुरंत बंद करवाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम के पंथाघाटी वार्ड में शिव मंदिर के पास वीरवार सुबह भारी भूस्खलन हुआ। इससे एनएच किनारे बना पैदल मार्ग करीब 50 मीटर तक ढह गया। इस भूस्खलन के बाद नीचे की ओर बने मकानों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के भी ढहने का खतरा पैदा हो गया है। सुबह करीब साढ़े तीन से पौने चार बजे के बीच हुए इस भूस्खलन के बाद से नीचे की ओर बनी फ्रेंड्स कॉलोनी में रह रहे लोग भय के साए में जी रहे हैं। भूस्खलन से ढहा डंगा और उसके पत्थर अधर में अटके हुए हैं। तेज बारिश होने पर ये नीचे की ओर लुढ़ककर रिहायशी मकानों और उनमें रह रहे लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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भूस्खलन वाले स्थान से नीचे की ओर बनी फ्रेंड्स कॉलोनी में रहने वाली जुना रॉय चौधरी, सावित्री जोशी, दीपांकर शर्मा और कुशल ठाकुर ने कहा कि इस भूस्खलन के बाद पैदल रास्ता ढह गया है। एनएच सड़क के भी ढहने का खतरा बढ़ गया है। बारिश होने पर भूस्खलन का मलबा कभी भी उनके घरों और नीचे की ओर बस्ती में बने मकानों को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी यहां भूस्खलन हुआ था, जिसमें रास्ता टूट गया था। यहां दोबारा भूस्खलन होने की संभावना बनी हुई है। इसलिए जल निकासी की व्यवस्था को सुधारा जाए, ताकि आगे और भूस्खलन न हो।
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स्थानीय पार्षद कुसुम ठाकुर ने मौके का दौरा किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग और प्रशासन से मांग की है कि भूस्खलन के बाद घरों पर मंडराए संकट को कम करने के लिए आवश्यक कार्य किए जाएं, ताकि किसी तरह की जानमाल की हानि न हो। उन्होंने कहा कि इस स्थान पर सड़क से नीचे की ओर किए जा रहे निर्माण कार्य पर बरसात समाप्त होने तक रोक लगाई जाए। नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर राकेश शर्मा ने कहा कि बरसात के इस मौसम में और भूस्खलन होने की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए यहां चल रहे निर्माण कार्य को रोका जाना चाहिए।
रिहायशी मकानों को खतरा नहीं
एसडीएम सन्नी शर्मा ने बताया कि भूस्खलन की घटना के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए टीम भेजी गई थी। फिलहाल रिहायशी मकानों को कोई खतरा नहीं लग रहा है। इसके बावजूद स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अधिक बारिश होने पर होने पर हो सकता है खतरा
लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग के सहायक अभियंता नेत्र प्रकाश और कनिष्ठ अभियंता राकेश कुमार ने कहा कि भूस्खलन के कारण पैदल रास्ता धंस गया है। एनएच को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। अधिक बारिश होने पर खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन का कारण वहां हो रहा निजी भवन निर्माण है। इस मामले में मकान मालिक के खिलाफ विंग की ओर से कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। असुरक्षित क्षेत्र को सील कर दिया गया है।