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Shimla News: बिजनी-मंडी बाईपास कार्य शुरू करने की अनुमति
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मंडी। पठानकोट-मंडी फोरलेन के तहत बिजनी-मंडी बाईपास परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए कार्य शुरू करने को वन विभाग से एनएचएआई को अनुमति मिल गई है। इस परियोजना के तहत 7.7913 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित हुई है। इसकी एवज में 5.02 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति राशि जमा करवाई गई है। इस परियोजना के तहत कुल 418 पेड़ जद में आए हैं। अब इन्हें काटने की प्रक्रिया शुरू होगी।
कुल 5.357 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट का कार्य जनवरी 2025 से शुरू होने की उम्मीद है। इस परियोजना के धरातल में उतरने से जोगिंद्रनगर की तरफ से आने वाले वाहन सीधे बिंद्रावणी पहुंचेंगे। मंडी शहर बाईपास होगा। टनल से वाहन सीधे किरतपुर-मनाली फोरलेन पर पहुंचेंगे। इस तरह मंडी शहर में यातायात का दबाव और कम हो जाएगा। सेना की कानवाई समेत अन्य वाहन आसानी से मनाली-लेह की तरफ जा सकेंगे।
बिजनी-मंडी बाईपास के तहत आवाजाही के लिए अलग-अलग दो टनलें बनना प्रस्तावित हैं। इनकी कुल लंबाई 3.5 किलोमीटर रहेगी। इसके अलावा एक बड़ा और दो छोटे पुल भी बनाए जाएंगे। व्हीकल ओवरपास के साथ प्रोजेक्ट में गोल चक्कर भी बनेगा। इसके माध्यम से यातायात मनाली और मंडी की तरफ आसानी से आ जा सकेगा। फोरलेन के साथ कुल 5.357 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर 971.99 करोड़ रुपये लागत आएगी। इसकी कुल पूंजीगत लागत 1112.99 करोड़ रुपये है।
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वन विभाग से बिजनी-मंडी परियोजना का कार्य शुरू करने की अनुमति मिल गई है। नियमानुसार सभी प्रकार का कार्य किया जा रहा है। उम्मीद है कि यह कार्य जनवरी 2025 से शुरू हो जाएगा।
-वरुण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई मंडी
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कुल 5.357 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट का कार्य जनवरी 2025 से शुरू होने की उम्मीद है। इस परियोजना के धरातल में उतरने से जोगिंद्रनगर की तरफ से आने वाले वाहन सीधे बिंद्रावणी पहुंचेंगे। मंडी शहर बाईपास होगा। टनल से वाहन सीधे किरतपुर-मनाली फोरलेन पर पहुंचेंगे। इस तरह मंडी शहर में यातायात का दबाव और कम हो जाएगा। सेना की कानवाई समेत अन्य वाहन आसानी से मनाली-लेह की तरफ जा सकेंगे।
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बिजनी-मंडी बाईपास के तहत आवाजाही के लिए अलग-अलग दो टनलें बनना प्रस्तावित हैं। इनकी कुल लंबाई 3.5 किलोमीटर रहेगी। इसके अलावा एक बड़ा और दो छोटे पुल भी बनाए जाएंगे। व्हीकल ओवरपास के साथ प्रोजेक्ट में गोल चक्कर भी बनेगा। इसके माध्यम से यातायात मनाली और मंडी की तरफ आसानी से आ जा सकेगा। फोरलेन के साथ कुल 5.357 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर 971.99 करोड़ रुपये लागत आएगी। इसकी कुल पूंजीगत लागत 1112.99 करोड़ रुपये है।
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वन विभाग से बिजनी-मंडी परियोजना का कार्य शुरू करने की अनुमति मिल गई है। नियमानुसार सभी प्रकार का कार्य किया जा रहा है। उम्मीद है कि यह कार्य जनवरी 2025 से शुरू हो जाएगा।
-वरुण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई मंडी