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आउटसोर्स कर्मचारी
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शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज से मिले आउटसोर्स कर्मचारी। संवाद
- फोटो : SHIMLA CITY
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शिमला। कोरोना महामारी में बढ़ती महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है। वहीं ठेकेदारों के माध्यमों से ऑफिसों में कम वेतन पर रखे गए आउटसोर्स कर्मियों को परिवार पालना मुश्किल हो गया है। शनिवार को आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल कमलजीत डोगरा की अध्यक्षता में अपनी मांगों को लेकर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज से मिला।
डोगरा ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों ने स्थायी नीति न होने से उन्हें आर्थिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न विभागों में ठेकेदारों द्वारा भर्ती की गई है। वहीं मासिक वेतन भी कम है। जिसके चलते महंगाई के दौर में परिवार पालना मुश्किल हो गया है। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि पंद्रह हजार आउटसोर्स कर्मी विभिन्न पदों पर सेवाएं दे रहे है। लेकिन सालों से सेवाएं देने के बाद भी उनके वेतन में बढ़ोतरी नहीं हुई है। कर्मचारियों ने मांग की है कि सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाए, ताकि भविष्य में उन्हें किसी भी तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
उधर, दूसरी ओर मंत्री ने भी कर्मियों की मांगों को सुना और आश्वासन दिया कि सरकार उनके लिए स्थायी नीति तैयार करेगी। इस अवसर पर नीतिश, श्यामा, सोनू, रीना, भावना, लक्की मेहता, सुरेश और मनीष मौजूद रहे।
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डोगरा ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों ने स्थायी नीति न होने से उन्हें आर्थिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न विभागों में ठेकेदारों द्वारा भर्ती की गई है। वहीं मासिक वेतन भी कम है। जिसके चलते महंगाई के दौर में परिवार पालना मुश्किल हो गया है। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि पंद्रह हजार आउटसोर्स कर्मी विभिन्न पदों पर सेवाएं दे रहे है। लेकिन सालों से सेवाएं देने के बाद भी उनके वेतन में बढ़ोतरी नहीं हुई है। कर्मचारियों ने मांग की है कि सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाए, ताकि भविष्य में उन्हें किसी भी तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
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उधर, दूसरी ओर मंत्री ने भी कर्मियों की मांगों को सुना और आश्वासन दिया कि सरकार उनके लिए स्थायी नीति तैयार करेगी। इस अवसर पर नीतिश, श्यामा, सोनू, रीना, भावना, लक्की मेहता, सुरेश और मनीष मौजूद रहे।
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