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Shimla News: जुन्गा में मटमैले पानी से लोग हो रहे बीमार, जांच के आदेश

Tue, 04 Aug 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2026 11:59 PM IST
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People falling ill due to muddy water in Junga; inquiry ordered.
अस्पताल में बढ़े डायरिया और पेट संबंधी बीमारियों के मामले
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तहसीलदार ने एसडीएम को पत्र लिखकर दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। राजधानी से सटे जुन्गा क्षेत्र की कई पंचायतों के लोग मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। इससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। इस बारे में जल शक्ति विभाग को भी लगातार शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। प्रशासन ने इस मामले में जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

सहायक आयुक्त (राजस्व) एवं तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा ने एसडीएम (ग्रामीण) शिमला को इस संबंध में पत्र लिखा है। साथ ही जल शक्ति विभाग को पेयजल स्रोतों और फिल्ट्रेशन संयंत्रों की तत्काल जांच करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम को लिखे पत्र में कहा है कि मटमैले पानी के सेवन से पेट दर्द, उल्टी-दस्त और डायरिया के मामले बढ़ रहे हैं। सिविल अस्पताल जुन्गा में ऐसे कई मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। शिमला सहित कई शहरों में आधुनिक फिल्ट्रेशन संयंत्र स्थापित किए हैं। इसी तरह की व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं में भी होनी चाहिए, ताकि बरसात के दौरान लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। बरसात के बीच मटमैले पानी की आपूर्ति से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कई लोगों ने पीने के लिए इस पानी का इस्तेमाल भी बंद कर दिया है। भड़ेच पंचायत के पूर्व प्रधान मदन मोहन ठाकुर ने बताया कि उनकी पंचायत में भी बरसात के दौरान लोगों को मटमैला पानी मिल रहा है।
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बढ़ रहे हैं डायरिया के मामले : डॉ. वर्मा
चिकित्सा प्रभारी जुन्गा डॉ. मनोज वर्मा ने कहा कि डायरिया और पेट संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। तहसीलदार कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि विभिन्न पंचायतों से लगातार मटमैले पानी की शिकायतें मिल रही हैं, जिन्हें गंभीरता से लेना आवश्यक है। वहीं जल शक्ति मंडल कसुम्पटी के अधिशासी अभियंता विनोद शर्मा ने कहा कि इस संबंध में जल शक्ति उपमंडल कोटी के सहायक अभियंता को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। यदि किसी योजना का पानी मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं पाया जाता है, तो संबंधित योजना की पंपिंग तत्काल बंद कर दी जाएगी।
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